अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्री का इस्तीफा
राष्ट्रपति सचिवालय से जारी बयान के अनुसार राष्ट्रपति हामिद करजई ने दोनों को राकेट हमले के बाबत स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया था। स्पष्टीकरण से संतुष्ट न होने पर करजई ने दोनों का इस्तीफा मंजूर कर लिया।
राकेट हमले का उद्देश्य शांति जिरगा की बैठक में व्यवधान डालना था। इसमें करजई के साथ देशभर के 1600 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था।
उधर, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई ने जेल में बंद तालिबान आतंकवादियों से जुड़े सभी मामलों की जांच के आदेश दिए हैं। जिनके खिलाफ ठोस सबूत नहीं होंगे उन्हें रिहा किया जाएगा।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने राष्ट्रपति भवन के प्रवक्ता सियामेक हरवई के हवाले से बताया, "राष्ट्रपति ने शनिवार को न्याय मंत्री की देखरेख में एक आयोग के गठन का आदेश दिया है। आयोग जेल में बंद तालिबानी आतंकवादियों से जुड़े सभी मामलों की समीक्षा करेगा।"
उन्होंेने बताया कि राष्ट्रपति ने सामुदायिक परिषद 'राष्ट्रीय शांति सलाहकार जिरगा' के तालिबानी आतंकियों के निर्दोष पाए जाने पर उन्हें रिहा करने के फैसले के बाद यह आदेश दिया गया है।
गौरतलब है कि 'राष्ट्रीय शांति सलाहकार जिरगा' की बैठक गत शुक्रवार को संपन्न हुई थी। इस दौरान सरकार और नाटो की नेतृत्व वाली अंतर्राष्ट्रीय सेना से निर्दोष तालिबानी आतंकवादियों को छोड़ने और तालिबान के साथ वार्ता शुरू करने की बात कही गई थी।
अनुच्छेद 16 के घोषणा पत्र में कहा गया था कि अफगानिस्तान में संघर्ष खत्म कर मैत्रीपूर्ण रवैया अपना शांति व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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