ब्रिटेन को अमेरिका से संबंध बिगड़ने का खतरा
लंदन, 7 जून (आईएएनएस)। तेल खनन कंपनी ब्रिटिश पेट्रोलियम (बीपी) को मेक्सिको की खाड़ी में खनन कार्य में मिली असफलता और इससे हुए भारी मात्रा में तेल रिसाव के बाद अब ब्रिटिश सरकार को अमेरिका से संबंध खराब होने की चिंता सता रही है।
द टेलिग्राफ के मुताबिक सरकारी कर्मचारियों का कहना है कि इस मुद्दे पर अमेरिकी पक्ष से लगातार लग रहे आक्रामक आरोपों के चलते ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन काफी परेशानी झेल रहे हैं।
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव केवल छह महीने बाद होने हैं ऐसे में माना जा रहा है यह मुद्दा राजनीतिक जोर पकड़ सकता है।
कुछ अमेरिकी राजनीतिज्ञों का सुझाव है कि बीपी कंपनी के अगले किसी भी सरकारी प्रस्ताव में हिस्सा लेने पर रोक लगा दी जाए। इस कदम से अमेरिकी कंपनियों एक्सॉनमोबिल और शेवरॉन को फायदा मिलेगा।
समाचार पत्र के मुताबिक इस दुर्घटना पर अब विदेश मंत्री विलियम गॉग और अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन लगातार बातचीत कर रहे हैं।
डॉउनिंग स्ट्रीट से फिलहाल इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं आया है लेकिन इस मुद्दे पर कैमरन और अमेरिकी प्रधानमंत्री बातचीत कर चुके हैं।
व्यापार मंत्री विन्स केबल पहले ही कह चुके हैं कि इस दुर्घटना से ब्रिटिश अर्थव्यवस्था को अप्रत्यक्ष रूप से भारी नुकसान हुआ है।
ब्रिटिश पेट्रोलियम अमेरिकी सेना को तेल और गैस की सबसे बड़ी आपूतिकर्ता है, यह हर साल सेना को दो अरब डॉलर मूल्य की तेल और गैस आपूर्ति करती है।
अब ऑफशोर ड्रिलिंग पर रोक लगने की आशंका के चलते बीपी को अन्य खनन कंपनियों का समर्थन भी नहीं मिल रहा है। बीपी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टोनी हेवर्ड को न्यूयॉर्क डेली न्यूज समाचार पत्र ने अमेरिका सबसे नापसंद और अज्ञानी व्यक्ति बताया गया है।
अपने ऊपर हो रहे हमलों के बारे में हेवर्ड ने कहा, "मैं समझ सकता हूं कि जब इतने बड़े पैमाने पर कोई नुकसान हुआ हो तो लोग हताश और भावुक हो जाते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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