'एक समय कोलकाता में होती थी हिटलर की पूजा'
नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। ब्रिटेन के इतिहासकार निकोलस गुडरिक-क्लार्क का मानना कि कोलकाता की तांत्रिक और नाजी समर्थक सावित्री देवी ने "जर्मनी के तानाशाह ,डोल्फ हिटलर की तुलना भगवान विष्णु के अंतिम अवतार कल्की से की थी।"
बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर जब राकेश रंजन की नई फिल्म में नाजी तानाशाह का चरित्र निभाने के लिए जानकारी जुटा रहे थे तब इस इतिहासकार ने कहा था कि कोलकाता के बड़े बंगाली घरों में हिटलर की पूजा हो चुकी है।
वर्ष 1982 में टोरंटो के नियो-नाजी सेमिस्डैट प्रकाशक ने ऐसे पर्चे जारी किए थे जिनमें सावित्री देवी से साक्षात्कार की पांच-पांच घंटे की दो रिकार्डिड कैसेट और उनकी एक किताब 'द लाइटनिंग एण्ड द सन' की प्रतियां बेचने का प्रचार किया गया था।
ये पर्चे दुनिया भर के शहरों में भेजे गए थे और इन चीजों को कंपनी की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा था।
पर्चे में लिखा गया था, "हिटलर के संप्रदाय का खुलासा! भारत में खोजे गए, हिटलर के गुरु। आप इस संप्रदाय की रिकार्डिड कैसेट खरीद सकते हैं जिसमें हिटलर की गुरु सावित्री देवी के उनके भारत स्थित घर में किए गए साक्षात्कार हैं।"
इसी साल सावित्री देवी की मौत हो गई थी।
इतिहासकार और लेखक क्लार्क दक्षिणी ब्रिटेन के एक्स्टर विश्विद्यालय के प्रोफेसर हैं और नाजी राजनीति समेत इतिहास के विभिन्न विषयों पर कई किताबें लिख चुके हैं।
क्लार्क को जब ये पर्चे मिले तो उन्होंने इस बात की छानबीन की। इस मामले में उन्हें मिली हिटलर और हिंदू विचारकों से जुड़ी जानकारियां अचंभित करने वाली थीं।
सावित्री देवी का जन्म 1930 में ल्यांस के मैक्समियानी में हुआ था और उन्होंने कोलाकाता के बंगाली ब्राह्मण असित कृष्ण मुखर्जी से शादी की थी, उन्होंने हिटलर और आर्य-नाजीवाद पर कई किताबें लिखी थीं।
क्लार्क ने कहा कि 1937 से 1940 के बीच हिंदू मिशन पर काम करते हुए वह काफी लोकप्रिय हो गई थीं, वह बंगाल, बिहार और असम में इस मिशन के दौरान अपने भाषणों में आर्य नाजी धर्म का प्रचार करती थीं, और 'मीं काम्फ' के उदाहरण देकर प्राचीन आर्य सभ्यता के आधार पर हिटलरवाद और हिंदूवाद में संबंध स्थापित करती थीं।
क्लार्क ने कहा कि सावित्री देवी ने भारतीय घरों में पूजा की वेदियों पर तानाशाह की तस्वीरें लगवाईं। जब सावित्री देवी ने कोलकाता के हिंदू मिशन के अध्यक्ष श्रीमत स्वामी सत्यानंद से अपने भाषण में इस विषय पर बोलने को कहा तो उन्होंने अपने भाषण में कहा कि हिटलर विष्णु का अवतार था।
सावित्री देवी 1945 में यूरोप चली गईं। वहां नाजी साम्राज्य का अंत देखकर वह काफी दुखी थीं और नाजी गुप्त सेवाओं के अधिकारियों की गिरफ्तारी से चिंतित रहती थीं। बाद में सावित्री देवी को यूरोप में नाजी समर्थक होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था और जेल जाना पड़ा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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