नादियाल फर्जी मुठभेड़ से पूर्व के मुठभेड़ों पर उठे सवाल : उमर
नादियाल में तीन कश्मीरी युवकों शहजाद आलम खान, रियाज अहमद लोन और मुहम्मद शफी लोन को माचिल सेक्टर में एक फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया गया था। इस मामले में पुलिस ने प्रांतीय सेना के एक सिपाही और सेना के तीन जवानों को गिरफ्तार किया है।
अब्दुल्ला ने समाचार चैनल एनडीटीवी के एक कार्यक्रम में शनिवार को कहा कि जम्मू एवं कश्मीर पुलिस के पास मुठभेड़ों के फर्जी होने के संबंध में शिकायतों की भरमार है। इन सभी की फिर से जांच हो रही है।
उन्होंने कहा, "दुर्भाग्यवश हर मुठभेड़ पर अब सवाल उठने लगे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं इसलिए इसका समाधान करना हमारा कर्तव्य है।"
उन्होंने कहा, "पूर्व में हुई मुठभेड़ों की हम जांच कर रहे हैं कि वह सही थे या फर्जी। पहले से ही अधिक काम के बोझ तले दबी पुलिस को यह अतिरिक्त काम भी करना पड़ रहा है।"
अब्दुल्ला ने कहा, "यह ऐसी समस्या है जिसमें कुछ लोग अपने अल्पकालिक फायदे के लिए न सिर्फ सुरक्षा बलों का बल्कि हर किसी के दीर्घकालिक हितों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (एएफएसपीए) की अभी भी कश्मीर में जरूरत है। उन्होंने हालांकि इस अधिनियम को और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, "दुर्भाग्यवश एएफएसपीए के तहत सेना ही न्यायाधीश, न्याय दल और जल्लाद है क्योंकि यह सुरक्षा बलों के लिए ही बना है। इसलिए इसमें पारदर्शिता का अभाव है और लोगों का सरकारी तंत्र पर से विश्वास उठ रहा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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