राठौड़ की याचिका पर फैसला 29 जून तक टला (लीड-2)
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उनकी जमानत व पुनर्विचार याचिका पर फैसला फिर टाल दिया है।
अदालत की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि इस मामले की सुनवाई अब 29 जून को अन्य उचित पीठ करेगी। तब तक याचिका अदालत में विचाराधीन रहेगी।
सीबीआई के वकील अजय कौशिक ने आईएएनएस को बताया कि उच्च न्यायालय ने इस मामले से संबंधित निचली अदालत से तमाम दस्तावेज मांगे हैं और इसके लिए सम्मन जारी किया है।
ज्ञात हो कि राठौड़ पर 1990 में रुचिका गिरहोत्रा से छेड़छाड़ करने का आरोप लगा था। इसके तीन साल बाद रुचिका ने आत्महत्या कर ली थी।
जिला एवं सत्र न्यायालय ने 25 मई को रुचिका गिरहोत्रा से छेड़छाड़ के मामले में राठौड़ को दोषी करार देते हुए 18 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। इसके फौरन बाद राठौड़ को बुडै़ल जेल भेजा गया था।
राठौड़ की पत्नी एवं वकील आभा ने 26 मई को उच्च न्यायालय में जमानत व पुनर्विचार याचिका दायर की थी, क्योंकि न्यायालय ने सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई छह माह की सजा को बढ़ाकर 18 माह कर दी गई।
आभा ने चिकित्सीय आधार पर यह कहते हुए जमानत मांगी है कि राठौड़ के हृदय की हाल ही में बाईपास सर्जरी हुई थी। उनकी चिकित्सीय देखभाल जरूरी है।
उच्च न्यायालय ने सीबीआई की विशेष अदालत से इस मामले पर जवाब मांगा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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