डुमरियागंज विधानसभा उपचुनाव में 50.5 फीसदी मतदान (लीड-1)
मतदान के लिए 364 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जहां 3 लाख 14 हजार मतदाताओं को चुनाव लड़ रहे 11 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करना था।
अधिकारियों के मुताबिक मतदान सुबह सात बजे से शुरू होकर शाम पांच बजे तक चला। कुछ जगहों पर इलेट्रॉनिक वोटिंग मशीन में खराबी की शिकायतों को छोड़कर कहीं से भी कोई अप्रिय खबर नहीं आई।
डुमरियागंज सीट से बहुजन समाज पार्टी(बसपा) के विधायक रहे तौफीक अहमद की मौत से यह सीट रिक्त हो गई थी। बसपा ने इस चुनाव में तौफीक की विधवा खातून तौफीक को मैदान में उतारा है।
403 सीटों वाली उत्तर प्रदेश की विधानसभा में सत्तारुढ बसपा के कुल 226 विधायक हैं। चुनाव आयोग ने मतदान के सीधे प्रसारण की व्यवस्था की थी। उत्तर प्रदेश में वेबकास्टिंग के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया के सीधे प्रसारण का यह पहला अभिनव प्रयोग था। मतदान का सीधा प्रसारण उत्तर प्रदेश राज्य चुनाव आयोग के वेबसाइट पर उपलब्ध था।
शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक(कानून-व्यवस्था) बृजलाल ने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया कि मतदान केंद्रों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के साथ-साथ प्रांतीय शस्त्र बल(पीएसी) और भारी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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