राठौड़ की जमानत याचिका पर फैसला फिर टला (लीड-1)
चण्डीगढ़, 3 जून (आईएएनएस)। रुचिका गिरहोत्रा छेड़छाड़ मामले में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने हरियाणा के पूर्व पुलिस प्रमुख एस. पी. एस. राठौड़ की जमानत याचिका पर गुरुवार को एक बार फिर फैसला टाल दिया। इस पर फैसला अब शुक्रवार को होने की संभावना है।
जिला एवं सत्र न्यायालय ने 25 मई को 1990 में रुचिका गिरहोत्रा से छेड़छाड़ के मामले में एस. पी. एस. राठौड़ को दोषी करार देते हुए 18 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। इसके फौरन बाद राठौड़ को बुडै़ल जेल भेज गया था।
राठौड़ की पत्नी एवं वकील आभा ने 26 मई को उच्च न्यायालय में जमानत व पुनर्विचार याचिका दायर की थी।
इस मामले से संबंधित सभी दस्तावेज बुधवार को जुटा लिए गए थे और उच्च न्यायलय की अवकाश कालीन पीठ के न्यायाधीश अजय तिवारी ने फैसला गुरुवार के लिए सुरक्षित रख लिया था। अदलती सूत्रों के मुताबिक फैसले की प्रति तैयार नहीं होने की वजह से फैसला टाल दिया गया।
शिकायतकर्ता मधु प्रकाश ने हालांकि कहा कि उन्हें भारतीय न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और वह एक और दिन इंतजार करने को तैयार हैं।
प्रकाश ने आईएएनएस से कहा, "न्यायाधीश यदि समय ले रहे हैं तो यह कोई गलत नहीं है। हमारा पक्ष मजबूत है और हमें उम्मीद है कि अंतिम फैसला हमारे पक्ष में ही होगा।"
राठौड़ पर 1990 में रुचिका गिरहोत्रा से छेड़छाड़ करने का आरोप लगा था। इसके तीन साल बाद रुचिका ने आत्महत्या कर ली थी।
सीबीआई की विशेष अदालत ने राठौड़ को पहले छह माह का सश्रम कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्हें तुरंत जमानत मिल गई थी। राठौड़ ने जनवरी में याचिका दायर कर उन पर लगाए आरोप को चुनौती दी थी।
बुधवार को न्यायालय में दलील देते हुए सिद्धू ने कहा, "यह जघन्य अपराधों में से एक है, इसके कारण जान भी जा चुकी है। राठौड़ के सभी अपराध पुख्ता सबूतों के आधार पर साबित किए जा चुके हैं। यहां मीडिया का दबाव जैसी कोई बात नहीं है।"
सीबीआई ने राठौड़ की जमानत याचिका के खिलाफ न्यायालय को 18 पृष्ठ का जवाब सौंपा था।
सीबीआई ने कहा, "वकील आभा हरियाणा लॉन टेनिस एसोसिएशन (एचएलटीए) के कार्यालय में घटना के दौरान मौजूद आराधना (मुख्य गवाह) और रुचिका (पीड़ित) से संबंधित तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही हैं। इस कृत्य के संबंध में अब संदेह की कोई गुंजाइश नहीं बची है।"
छेड़छाड़ की घटना के समय राठौड़ और टेनिस की नवोदित खिलाड़ी रुचिका एचएलटीए में मौजूद थे।
सीबीआई ने अपने जवाब में कहा कि आराधना इस मामले में स्वतंत्र, संतुलित और न्यायोचित गवाह हैं।
इस मामले में आभा ने सीबीआई के इस रुख के विरोध में अपनी दलीलें दी हैं।
पेशे से वकील बेटी प्रियांजलि के साथ मौजूद आभा ने कहा, "इस मामले में ऐसे कई सबूत मौजूद हैं जिन पर ध्यान नहीं दिया गया है। उस समय आराधना 15 साल की थी। अब वह एक चतुर युवती है जो ऑस्ट्रेलिया में रहती है, वह यहां आकर प्रेस कांफ्रेंस करती है, वह राठौड़ पर हमला करने वाले उत्सव शर्मा से भी मिली थी।"
उन्होंने कहा, "शिकायत करने वाला यह परिवार (आनंद प्रकाश और मधु प्रकाश) ऐसा नहीं है जैसा वे खुद को दिखा रहे हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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