.और 45वीं बार फेल हो गया पप्पू
फतेहपुर, 2 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के 67 वर्षीय जब्बार हुसैन का दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने का सपना इस बार भी पूरा नहीं हो सका। वह लगातार 45वीं बार अनुत्तीर्ण हुए हैं लेकिन बिना नकल परीक्षा उत्तीर्ण करने की शपथ लेने वाले जब्बार ने हार नहीं मानी है, वह अगले साल फिर पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में बैठेंगे।
माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश की परीक्षा में संभवत: सबसे उम्रदराज परीक्षार्थी जब्बार छह विषयों में से तीन अंग्रेजी, विज्ञान और गणित में उत्तीर्ण नहीं हो सके।
फतेहपुर के जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) प्रकाश मौर्या ने बुधवार को आईएएनएस को बताया कि इस साल से लागू किए गए ग्रेडिंग सिस्टम के नियमों के मुताबिक अगर कोई परीक्षार्थी दो से ज्यादा विषयों में फेल है तो उसे फिर से बोर्ड की परीक्षा में बैठना पड़ेगा। ऐसे में जब्बार को भी अगले साल फिर से बोर्ड की परीक्षा देना होगी।
उन्होंने कहा कि बिना नकल परीक्षा उत्तीर्ण करने का जब्बार का जज्बा हम सभी को प्रभावित करता है।
जब्बार फतेहपुर के बिंदकी कस्बे में किराने की दुकान चलाते हैं और लगातार 45वीं बार दसवीं की परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी है।
जब्बार ने कहते हैं कि जब तक वह उत्तीर्ण नहीं हो जाते तब तक दसवीं की परीक्षा देते रहेंगे। उन्हें पूरा यकीन है कि अपनी कठिन मेहनत के चलते उन्हें एक दिन जरूर सफलता मिलेगी और उनका सपना पूरा होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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