सफदरजंग के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म (लीड-1)
वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज के छात्र कल्याण संगठन के अध्यक्ष करण वत्स ने आईएएनएस से कहा, "हम अब मौन रूप से हड़ताल करेंगे, हम कक्षाओं का बहिष्कार करेंगे, लेकिन परेशानी न हो इसलिए गुरुवार से (गुरुवार) अपनी सेवाएं शुरू करेंगे।"
इधर, जूनियर डाक्टरों की हड़ताल से बुधवार को भी मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जूनियर डॉक्टर और मेडिकल छात्रों की पानी, लिफ्ट और एयर कंडीशनिंग संबंधी बुनियादी सुविधाओं को लेकर भूख हड़ताल चल रही थी।
इसके चलते अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो रही थी।
जूनियर डॉक्टरों की इस हड़ताल के चलते सफदरजंग अस्पताल की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गईं। यह राजधानी के सबसे पुराने अस्पतालों में से एक है और यहां अक्सर मरीजों की भीड़ लगी रहती है। ज्यादातर कम आय वाले परिवार यहां आते हैं।
छात्रों ने आरोप लगाया है कि पुलिस उनके विरोध प्रदर्शन को जोर-जबरदस्ती से रोकने की कोशिश कर रही है। एमबीबीएस तृतीय वर्ष के एक छात्र ने कहा, "उन्होंने हमारे ऊपर लाठियां चलाईं। जब उनकी नजर हड़ताल में शामिल लड़कियों पर पड़ी तभी उन्होंने लाठीचार्ज बंद किया।"
छात्र अस्पताल के बाह्य मरीज विभाग (ओपीडी) के पास भूख हड़ताल पर बैठे हैं। यहां हर रोज 8,000 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं।
चौहत्तर वर्षीय हरभंस कौर ने आईएएनएस से कहा, "मुझे रक्त कैंसर है और मुझे नियमित अंतराल पर रक्ताधान कराना पड़ता है। डॉक्टरों ने मुझे आज बुलाया था। चार घंटे तक इंतजार करने के बाद मुझे अब तक वह डॉक्टर नहीं दिखे।"
उन्होंने कहा, "ओपीडी बंद है और हर तरफ शोर-शराबा है। विरोध का यह तरीका गलत है. इससे मेरे जैसे मरीजों को बिना किसी गलती के भुगतना पड़ता है।"
छात्रों पर बुधवार को करीब दो दर्जन पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज किया।
चिकित्सा अधीक्षक एन. के. मोहंती ने छात्रों की सभी मांगे पूरा करने का आश्वासन दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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