पश्चिम बंगाल में ममता की लहर में उखड़े वामपंथी (राउंडअप)

चुनाव परिणाम घोषित होने पर तृणमूल कांग्रेस के उत्साहित कार्यकर्ताओं ने रेल मंत्री और पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के कोलकाता पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया। बनर्जी ने यहां प्रदेश में तुरंत विधानसभा चुनाव कराए जाने की मांग करते हुए कहा कि वामपंथी पार्टी ने प्रदेश में शासन करने का अधिकार खो दिया है। वाममोर्चा ने हालांकि उनकी यह मांग मानने से इंकार कर दिया है।

रविवार को हुए चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस से चुनावी समझौते से इंकार करने वाली कांग्रेस पार्टी यहां तीसरे स्थान पर रही है हालांकि कई स्थानीय निकायों में कांग्रेस ने सत्ता हथियाई है।

वर्ष 1977 से लगातार सरकार चला रहे वाम मोर्चा को सत्ता से बेदखल करने के एक मात्र उद्देश्य को लेकर चल रहीं ममता बनर्जी को इन चुनावों में स्पष्ट रूप से जनता ने स्वीकार किया है।

एक पत्रकार वार्ता में ममता बनर्जी ने कहा, "सरकार ने प्रदेश में शासन करने का अधिकार खो दिया है, इसलिए प्रदेश में तत्काल विधानसभा चुनाव कराए जाने चाहिए।"

कांग्रेस नेता और केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बनर्जी को बधाई देते हुए कहा कि उनका प्रदर्शन बहुत शानदार रहा है। काग्रेस के खराब प्रदर्शन की बात भी उन्होंने स्वीकार की।

वहीं मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया। मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रदेश सचिव और वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने प्रदेश में समय से पहले विधानसभा चुनावों से इंकार किया।

उन्होंने कहा, "समय से पहले चुनाव का कोई सवाल नहीं है।"

राज्य में तृणमूल कांग्रेस ने 25 जिला नगरीय निकायों में कब्जा जमा लिया है जबकि वाम दलों के खाते में इनके 17 निकाय गए हैं। कांग्रेस को कुल सात निकायों में कामयाबी मिली है। हालांकि 30 नगरपालिकाओं में किसी भी दल की स्पष्ट जीत नहीं हुई है। तृणमूल को सत्ता पाने के लिए कांग्रेस का समर्थन लेना पड़ेगा।

प्रदेश के शहरी मतदाताओं ने वामपंथी मोर्चे को तगड़ झटका दिया है। तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच सीटों का बंटवारा नहीं हो सका था और इसलिए दोनों साथ चुनाव नहीं लड़ पाए थे।

केएमसी के 141 वार्डो में तृणमूल ने 95 में जीत दर्ज की है। वाम मोर्चा को महज 33 सीटें मिली हैं, कांग्रेस 10 और भाजपा तीन सीटों पर चुनाव जीती है।

वर्ष 2005 से केएमसी पर वाम मोर्चा का कब्जा था। वर्ष 2000 से 2005 तक केएमसी की सत्ता तृणमूल कांगेस के पास थी। इससे पहले इस नगरीय निकाय में 1985 के बाद से 2000 तक वाम मोर्चे का ही कब्जा था।

ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने प्रतिष्ठित बिधान नगर निगम में भी बहुमत हासिल की है।

तृणमूल ने बर्धमान की मेमारी और बीरभूति की बोलपुर सीट पर जीत दर्ज की है। इसके साथ ही उसे उत्तरी 24 परगना जिले के खरदाह, बारानगर और नहाटी में कामयाबी मिली है।

वाम मोर्चे को हुगली जिले के बल्ली और कूच बिहार जिले के तूफानगंज व दिनहटा में जीत मिली है। कटवा नगर निगम की सीट कांग्रेस के खाते में गई है।

रविवार को कोलकाता नगर निगम सहित 81 नगर निकायों के लिए हुए चुनावों में 70 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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