पुलिस कार्रवाई षड्यंत्र का नतीजा : रुचिका के वकील (लीड-1)
इससे पहले मंगलवार को पुलिस ने भारद्वाज पर करोड़ों रुपये के भूमि घोटाले से जुड़े होने का आरोप लगाया और कहा कि भारद्वाज इस मामले में गिरफ्तारी से बचते फिर रहे हैं।
भारद्वाज बुधवार को उच्च न्यायालय पहुंचे और राठौर की जमानत याचिका के खिलाफ अपनी दलीलें दीं।
भारद्वाज ने बुधवार को आईएएनएस से कहा, "यह बहुत आश्चर्यजनक है कि 20 दिन पहले मुझे इस मामले (भूमि) में नोटिस दिया गया था और कल (मंगलवार) पुलिस के एक दल ने मेरे घर पर छापेमारी की है। कुछ लोग मेरे खिलाफ एकजुट होकर षड्यंत्र रच रहे हैं लेकिन मैं अभी यह कहने की स्थिति में नहीं हूं कौन यह सब करवा रहा है।"
भारद्वाज ने कहा, "इस मामले पर सवाल खड़ा होता है कि जब राठौड़ मामले में उच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है उसी समय ये चीजें उठाई जा रही हैं। मैं कानून को अच्छी तरह समझता हूं और मैं किसी से भाग नहीं रहा हूं, फिलहाल मैं न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर करने की तैयारी कर रहा हूं।"
पुलिस के अनुसार अमृतसर पुलिस के एक विशेष दल के पहुंचने से पहले ही भारद्वाज मंगलवार रात घर से फरार हो गए थे। यह दल उन्हें गिरफ्तार करने पहुंचा था। पांच सदस्यीय इस विशेष दल का नेतृत्व अमृतसर के पुलिस उपाधीक्षक किरपाल सिंह कर रहे हैं।
सिंह ने आईएएनएस को बताया, "हम यहां पंकज भारद्वाज को गिरफ्तार करने के लिए आए थे। उनका नाम करोड़ों रुपये के भूमि घोटाले में आया है। उन्हें पहले ही हमारे यहां पहुंचने की खबर मिल गई और वे हमारे पहुंचने से पहले ही अपने घर से भाग गए।"
अधिकारी ने कहा, "भारद्वाज फरार चल रहे हैं। हमें उनके बारे में कुछ सुराग मिले हैं और हम संभावित ठिकानों पर छापेमारी करेंगे ताकि उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।"
पुलिस का कहना है कि भारद्वाज पर अवैध रूप से जमीन बेचने का आरोप है। इस मामले में भारद्वाज सहित कुल 35 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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