'नक्सली इलाकों में नाम के लिए हैं पुलिस स्टेशन'
चालीसवीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस के उद्घाटन भाषण में चिदंबरम ने कहा, "पुलिस स्टेशनों में पुलिस बल का वितरण बहुत खराब है, वहां पर्याप्त संख्या में पुलिस स्टेशन नहीं हैं। जहां भी पुलिस स्टेशन हैं वहां पुलिसकर्मियों की संख्या 20 से ज्यादा नहीं है। वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित कुछ जिलों में तो पुलिस स्टेशन केवल नाम मात्र को हैं।"
उन्होंने कहा, "मैं ऐसे राज्यों या पुलिस स्टेशनों का नाम नहीं लेना चाहता हूं लेकिन मुझ पर विश्वास करें कि कुछ ऐसे पुलिस स्टेशन भी हैं जिनकी इमारतों को उड़ा दिया गया है।"
चिदंबरम ने कहा कि कुछ पुलिस स्टेशनों में तो आठ ही पुलिसकर्मी हैं और उनके पास भी लूट के डर से कोई हथियार नहीं है।
उन्होंने कहा, "आपको पश्चिम बंगाल के पश्चिमी मिदनापुर जिले के लालगढ़ पुलिस स्टेशन का मामला याद होगा। केंद्रीय रिजर्व पुलिस द्वारा इस स्टेशन को स्वतंत्र कराने से पहले तक यह बंद था और इसमें अंदर से ताला लगा हुआ था।"
सम्मेलन में देशभर से पहुंचे भारतीय पुलिस सेवा के 80 से ज्यादा अधिकारी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह भी मौजूद थे।
यहां एक होटल में शुरू हुई इस तीन दिवसीय कांग्रेस में कई मुद्दों पर चर्चा होगी हालांकि आतंकवाद और वामपंथी अतिवाद पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
नई दिल्ली स्थित पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो ने छत्तीसगढ़ पुलिस के सहयोग से इस सम्मेलन का आयोजन किया है। सम्मेलन में पुलिस के आधुनिकीकरण और आंकड़ा प्रबंधन प्रणाली के इस्तेमाल पर भी चर्चा होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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