रिजवानुर के भाई को मतदाताओं ने ठुकराया
रुकबानुर उन्हीं रिजवानुर के भाई हैं, जिनकी रहस्यमय मौत ने इस शहर को हिलाकर रख दिया था।
तृणमूल कांग्रेस के विधायक व मेयर पद के लिए पार्टी के उम्मीदवार जावेद खान भी चुनाव में हार गए हैं।
तीस वर्षीय कंप्यूटर ग्राफिक्स शिक्षक रिजवानुर की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दिलवाने वाले के लिए अभियान चलाने वाले रुकबानुर को रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के सुशील कुमार शर्मा से हार मिली है।
रुकबानुर के विरोध में उनके एक चाचा अकीलुर रहमान भी चुनाव मैदान में उतरे थे। रहमान ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।
रुकबानुर के निर्वाचन क्षेत्र में दक्षिणी कोलकाता के पार्क सर्कस, तिलजाला और दक्षिणी कोलकाता के पड़ोसी क्षेत्र शामिल हैं। वर्ष 2007 में 21 सितंबर को रेल पटरियों के नजदीक रिजवानुर का शव पाए जाने के बाद ये इलाके सुलग उठे थे।
रिजवानुर ने व्यवसायी अशोक तोड़ी की बेटी प्रियंका से विवाह किया था। रिजवानुर की मृत्यु के बाद यह आरोप लगा था कि तोड़ी ने पुलिस अधिकारियों को रिजवानुर पर विवाह तोड़ने के लिए दबाव बनवाया था।
रिजवानुर की मौत में कथित संलिप्तता के आरोप में तत्कालीन पुलिस आयुक्त प्रसून मुखर्जी सहित कई पुलिस अधिकारियों को हटा दिया गया था।
बाद में तोड़ी, उसके दो रिश्तेदारों और शहर के चार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ रिजवानुर को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले दर्ज किए गए थे।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पिछले महीने केंद्रीय जांट ब्यूरो (सीबीआई) को हत्या का मामला दर्ज कर रिजवानुर की मौत की नए सिरे से जांच करने के आदेश दिए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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