जापान में सियासी उठापटक, हातोयामा की इस्तीफे की घोषणा (लीड-2)
हातोयामा की घोषणा के मद्देनजर उनकी पार्टी ने शुक्रवार को एक बैठक बुलाई है जिसमें नए नेता का चयन किया जाएगा।
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार प्रधानमंत्री ने डीपीजे की बुधवार की आम सभा के दौरान पद छोड़ने का ऐलान किया। उन्होंने पार्टी महासचिव इचिरो ओजावा से भी त्यागपत्र देने का आग्रह किया। बाद में हातोयामा ने कहा कि ओजावा ने उनका आग्रह स्वीकार कर लिया है।
हातोयामा ने कहा कि उन्होंने सहयोगी सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (एसडीपी) के सरकार से अलग होने की वजह से यह निर्णय लिया है। ओकिनावा में अमेरिकी सैन्य ठिकाने की मौजूदगी के मुद्दे पर मतभेद के बाद एसडीपी यातोहामा सरकार से अलग हो गई थी। बीते चार साल में हातोयामा जापान के चौथे प्रधानमंत्री थे।
उनके इस ऐलान के बाद डीपीजे शुक्रवार को एक बैठक करने जा रही है। इसमें पार्टी नए नेता का चुनाव करेगी जो जापान का अगला प्रधानमंत्री होगा। हातोयामा पदभार संभालने के आठ महीने बाद ही त्यागपत्र देने जा रहे हैं। उनके पद छोड़ने की मांग उनकी पार्टी डीपीज के भीतर से ही उठने लगी थी।
जापान के दक्षिण में स्थित ओकिनावा द्वीप पर अमेरिकी सैन्य ठिकाने की मौजूदगी हातोयामा के लिए सबसे बड़ी सियासी मुश्किल बन गई।
पिछले साल हुए आम चुनाव से पहले तक वह लगातार कहते रहे कि वह इस द्वीप पर अमेरिका सैन्य ठिकाना नहीं रहने देंगे। परंतु पिछले सप्ताह ही उनकी सरकार इस अमेरिकी सैन्य ठिकाने को देश के दक्षिणी हिस्से में रहने देने पर सहमत हो गई। हातोयामा सरकार के इस फैसले के बाद ही रविवार को एसडीपी सरकार से अलग हो गई।
उनके मंत्रिमंडल की लोकप्रियता घटकर 20 फीसदी रह गई। शपथ लेने के समय लोकप्रियता का यह ग्राफ 72 फीसदी पर था।
उल्लेखनीय है कि बीते साल अगस्त में हुए आम चुनाव में डीपीजे ने बड़ी और ऐतिहासिक दर्ज की थी। यह पहला मौका था जब 50 साल से भी लंबे अंतराल के बाद जापान में लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी की सत्ता का पटाक्षेप हुआ था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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