मलयालम नहीं पढ़ाने वाले स्कूलों के खिलाफ होगी कार्रवाई
राज्य में साक्षरता दर 90.92 फीसदी है और यहां पर स्कूल छोड़ने वालों का प्रतिशत 0.83 फीसदी है।
राज्य के शिक्षा मंत्री एम.ए.बॉबी ने शहर के उपनगरीय इलाके में नए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत के दौरान कहा, "मलयालम को एक विषय के रूप में नहीं पढ़ाने को लेकर सरकार सभी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने का विचार कर रही है।"
आधिकारिक आकड़ों के मुताबिक केरल में 12,649 स्कूल हैं जिनमें से 4,501 सरकारी हैं और 7,284 स्कूल मान्यता प्राप्त तथा 864 स्कूल बिना मान्यता प्राप्त हैं।
पिछले शैक्षणिक सत्र में कुल 44.58 लाख छात्र पंजीकृत हुए थे और इस वर्ष भी इतने ही छात्रों के पंजीकरण कराने का अनुमान है।
बॉबी ने कहा, "खेल पहले ही यहां पर पाठ्यक्रम का हिस्सा बन चुका है और प्रत्येक छात्र को कालारई (केरल का मार्शल आर्ट) पढ़ाने के लिए कदम उठाया जा रहा है। इसके साथ ही तैराकी को भी इसका हिस्सा बनाया जा रहा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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