'व्यस्त' ममता कैबिनेट की बैठक में शामिल नहीं हुईं
बैठक में नहीं जाने पर अपनी सफाई पेश करती हुई ममता ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच किसी प्रकार का मतभेद नहीं है। हमारा गठबंधन सहज है।"
उन्होंने कहा कि कैबिनेट की बैठक सिर्फ झारखण्ड को लेकर थी और उन्हें कुछ महत्वपूर्ण काम करने थे। इसलिए वह इस बैठक में नहीं शामिल हुईं।
ज्ञात हो कि लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के 19 सदस्य है। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) में वह कांग्रेस के बाद सबसे बड़ा घटक दल है।
ममता की अनुपस्थिति ने इसलिए भी तूल पकड़ा क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने झारग्राम में हुए रेल दुर्घटना पर उनकी राय से जुदा राय व्यक्त की थी। ममता ने रेल दुर्घटना को राजनीतिक साजिश करार दिया था जबकि चिदंबरम ने नक्सली हमला होने की आशंका जताई थी।
इस बारे में पूछे जाने पर कि क्या वह चिदंबरम से बयान से नाराज है, इस पर ममता ने कहा, "ऐसा नहीं है। चिदम्बरम से हमारे अच्छे संबंध हैं। हमने उनसे इसकी सीबीआई जांच कराने की मांग की है। सरकार प्रकिया का पालन करते हुए कदम उठाएगी।"
उन्होंने कहा, "मैं नहीं जानती कि किसने इसे अंजाम दिया। जिसने भी किया हो, चाहे नक्सली हों या अन्य। सच्चार्द सामने आनी चाहिए। हम चाहते हैं कि सीबीआई इसकी जांच करें।"
उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह भ्रम पैदा करने में लगे हुए हैं कि कांग्रेस और तृणमूल में मतभेद है। "दोनों दलों के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश की जा रही है। मैं आपको आश्वस्त करती हूं कि हमारे और सरकार के बीच कोई मतभेद नहीं है। मैं संप्रग का हिस्सा हूं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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