एयर इंडिया ने उठाए कड़े कदम, अभी उड़ानें सामान्य नहीं (राउंडअप)
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी एयर इंडिया के 15 हजार कर्मचारियों की दो दिवसीय अनधिकृत हड़ताल के बाद उड़ानों को सुचारु बनाने की कोशिशों के बीच प्रबंधन ने गुरुवार को भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए करीब 40 कर्मचारियों को बर्खास्त एवं निलंबित कर दो प्रमुख कर्मचारी संगठनों की मान्यता रद्द कर दी है।
एयर इंडिया प्रबंधन ने हड़ताल आयोजित करने वाले दो प्रमुख कर्मचारी संगठनों के 17 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है और 15 अन्य कर्मचारियों को निलंबित किया है। ये सभी द ऑल इंडिया एयरक्राफ्ट इंजीनियर्स एसोशिएसन (एआईएईए) और एयर कार्पोरेशन एम्प्लाईज यूनियन (एसीईयू) के प्रमुख सदस्य थे। इन दोनों संगठनों के कार्यालयों को भी सील कर दिया गया है।
एयर इंडिया ने एक बयान में कहा कि दोनों संगठनों ने अवैध हड़ताल का आयोजन किया था जिससे निर्दोष यात्रियों को भारी पीड़ा झेलनी पड़ी साथ ही देश और विदेश की कई उड़ानें प्रभावित होने से राजस्व की बड़ी हानि हुई।
एयर इंडिया ने दोनों संगठनों पर कई बार अनुशासन तोड़ने और समझौता न मानने का आरोप लगाया। कंपनी ने कहा कि दोनों संगठन कंपनी के दैनिक कार्यो को प्रभावित कर रहे हैं और उद्यमिता माहौल की शांति और सद्भाव को नष्ट कर रहे हैं।
यूनियन नेताओं को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का सर्मथन मिलने से यह मामला राजनीतिक रुख लेता जा रहा है।
माकपा ने कहा, "यात्रियों की असुविधा के लिए पूरी तरह से एयर इंडिया प्रबंधन जिम्मेदार है। एयर इंडिया के वर्तमान संकट के लिए विमानन मंत्री प्रफुल्ल पटेल भी जिम्मेदार हैं।"
दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद यूनियन नेता फिलहाल मीडिया में कोई बात नहीं कर रहे हैं लेकिन उनका ध्यान शुक्रवार को इसी मामले पर बंबई उच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई पर है। यहां न्यायालय की एक पीठ ने हड़ताल को अवैध घोषित करने से इंकार कर दिया था।
इधर विमानन कंपनी ने कहा कि उसे उड़ानों का परिचालन सामान्य बनाने में एक या दो दिन लगेंगे। गुरुवार को 78 नियमित उड़ानें भरी गईं और अगले कुछ दिनों में सभी उड़ानें सुचारु हो जाएंगी।
मुंबई में एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने आईएएनएस से कहा, "नई दिल्ली और कोलकाता से जाने वाली कुछ उड़ानें गुरुवार सुबह रद्द की गईं परंतु मुंबई से हम सभी उड़ानों का संचालन करने में कामयाब रहे हैं। अहमदाबाद के लिए तड़के की दो उड़ानें संचालित नहीं की जा सकीं लेकिन उस उड़ान के यात्रियों को दूसरी उड़ानों में समायोजित कर लिया गया।"
एयर इंडिया प्रबंधन का कहना है कि हड़ताल की वजह से 100 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं जिस कारण न सिर्फ 13,000 यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी बल्कि कंपनी को भी 12 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद बुधवार शाम हड़ताल पर गए कर्मचारियों के संगठन ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की थी। प्रबंधन ने यूनियन के 15 नेताओं को बर्खास्त कर दिया है।
इस बारे में नागरिक उड्डयन सचिव एम. माधवन नांबियार ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी स्थिति पैदा न हो।"
यद्यपि यूनियन के नेताओं ने इस मामले को मुख्य श्रम आयुक्त एस. के. मुखोपाध्याय के समक्ष उठाने का फैसला किया है। वह इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे और उन्होंने यूनियनों को आश्वस्त किया था कि किसी कर्मचारी को पीड़ित नहीं किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को एयर इंडिया के 15,000 से अधिक कर्मचारी वेतन मिलने में देरी और मीडिया से बात करने पर रोक लगाए जाने पर विरोध जताते हुए हड़ताल पर चले गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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