उत्तर कोरिया पर जहाज़ डुबोने का आरोप

एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण कोरियाई नौसैनिक जहाज़ को उत्तर कोरिया की पनडुब्बी से दागे गए टोरपीडो ने डूबोया था. उसमें 46 नाविक मारे गए थे.
जांचकर्तोओं का कहना है कि उन्हें टोरपीडो के हिस्से समुद्र तल पर मिले और उसपर जो निशान बने थे वो उत्तर कोरियाई डिज़ाइन से मेल खाते थे.
दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री ने कहा है कि उत्तर कोरिया को इसके परिणामों के लिए तैयार रहना चाहिए.
उत्तर कोरिया ने इस आरोप का खंडन किया है और युद्ध की धमकी दी है यदि उसपर कोई और प्रतिबंध लगाया जाता है.
अमरीका ने कहा है कि उत्तर कोरिया का ये कदम एक तरह का हमला है और इससे शांति को ख़तरा है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने भी इस घटना को काफ़ी चिंताजनक कहा है.
चनान नामक ये युद्धपोत विवादित कोरियाई समुद्री सीमा के पास 26 मार्च को डुबोया गया था जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफ़ी बढ़ गया..
जहाज़ के मलबे को समुद्री तट से उपर खींचा गया और अमरीका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और स्वीडन के विशेषज्ञों ने इसकी जांच पड़ताल की.
उनका कहना है कि जहाज़ के निचले हिस्से से स्पष्ट है कि इसे टोरपीडो के ज़रिए डुबोया गया और टोरपीडो पूरी तरह से उस डिज़ाइन से मिलता है जो उत्तर कोरिया में बनते हैं.
उत्तर कोरिया के प्रमुख सहयोगी देश चीन ने इस घटना को “दुर्भाग्यपूर्ण” कहा है.
इस रिपोर्ट के बाद उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ कोई कदम उठाया जाएगा या नहीं ये कहना मुश्किल है.
सियोल से बीबीसी संवाददाता जॉन सडवर्थ का कहना है के किसी भी कदम या प्रतिंबंध के लिए अंतरराष्ट्रीय सहमति बनाना मुश्किल होगा क्योंकि इसके लिए कूटनीतिक विकल्प बहुत कम हैं.












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