पाक में अब यू-ट्यूब पर पाबंदी

हफ़ीज़ चाचड़
बीबीसी संवाददाता, इस्लामाबाद
पाकिस्तान की सरकार ने फ़ेसबुक के बाद अब यू-ट्यूब पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. ये फ़ैसला पाकिस्तान के भीतर बढ़ते हुए घरेलू दबाव के कारण लिया गया है.
पाकिस्तान में इंटरनेट की निगरानी करने वाली संस्था पाकिस्तान टेलीकम्यूनिकेशन अथॉर्टी की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि फ़ेसबुक की तरह यूट्यूब पर भी पैग़म्बर मोहम्मद की अपमानजनक सामग्री है.
बयान में यह भी बताया गया है कि यूट्यूब के कई ऐसे पन्ने हैं जिन पर पैग़म्बर मोहम्मद की तस्वीरें हैं इसलिए किसी एक पन्ने को बंद करने के बजाए पूरी वेबसाईट को बंद कर दिया गया है.
याद रहे कि पैग़म्बर मोहम्मद के चित्र बनाना या प्रकाशित करना इस्लामी सिद्धांतों के ख़िलाफ़ है.
पाकिस्तान टेलीकम्यूनिकेशन के अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान के संविधान में भी इस बात का उल्लेख है.
लाहौर हाई कोर्ट ने सोशल नेटवर्किंग वेबसाईट फ़ेसबुक पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है. ध्यान रहे कि बुधवार को लाहौर हाई कोर्ट ने फ़ेसबुक पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था.
अदालत ने अपने फ़ैसले में कहा था कि फ़ेसबुक ने पैगम्बर मोहम्मद की तस्वीरें बनाने की एक प्रतियोगिता का आयोजन किया है.
अदालत ने पाकिस्तान टेलीकॉम्यूनिकेशन अथॉरिटी को आदेश दिया था कि फ़ेसबुक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया जाए और अगली सुनवाई में इसके बारे में लिखित जवाब पेश करें.
पाकिस्तान टेलीकॉम्यूनिकेशन के अधिकारियों ने अदालत को बताया था कि फ़ेसबुक के उन हिस्सों को बंद किया गया है जिन पर पैगम्बर मोहम्मद की तस्वीर बनाने की प्रतियोगिता हो रही है.
पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में फ़ेसबुक और यू-ट्यूब के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हो रहे हैं.
बुधवार को कराची में जमातुद-दावा ने प्रेस के सामने उन वेबसाईटों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया जिन पर पैगम्बर मोहम्मद की तस्वीर छापी गई है.
प्रदर्शनकारियों की सरकार से ये मांग है कि इंटरनेट पर उस समग्री को तुरंत बंद किया जाए जहां पैगम्बर मोहम्मद की तस्वीरें प्रकाशित हुई हैं.
इस्लामाबाद स्थित स्वीडेन का दूतावास भी कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया गया है.












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