'मोदी के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया' (लीड-1)

अलीगढ़ में छात्रों के साथ बातचीत में मोदी ने कथित तौर पर कहा था कि नक्सल समस्या का हल सिर्फ बातचीत से संभव है।

गुजरात सरकार के प्रवक्ता ने एक बयान जारी करके कहा कि विश्वविद्यालय में एक छात्र ने सवाल पूछा था कि नक्सलवाद के नाम पर जो नौजवान हिंसा के मार्ग पर चल पड़े हैं, उनके लिए आपका क्या संदेश है? इस पर मोदी ने कहा था कि दुनिया में कहीं भी हिंसा के मार्ग पर सफलता नहीं मिली है। नौजवानों को हिंसा का मार्ग छोड़कर भारत के संविधान की मर्यादा में रहकर बातचीत द्वारा अपने प्रश्नों का हल ढूंढ़ना चाहिए।

प्रवक्ता के अनुसार सरकार को क्या करना चाहिए? इस पर न तो किसी ने कुछ पूछा और न ही मुख्यमंत्री ने कुछ कहा। इसके बावजूद बिना किसी बात के बात का बतंगड़ बनाकर विवाद पैदा किया गया।

मुख्यमंत्री मोदी का मानना है कि केंद्र और राज्य सरकारों को नक्सलियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि अलीगढ़ के मंगलायतन विश्वविद्यालय में आयोजित एक सेमिनार 'युवा पीढ़ी और भारत का भविष्य' के दौरान छात्रों द्वारा नक्सल समस्या के हल के बारे पूछे जाने पर मोदी ने कहा था कि नक्सलियों को समझना होगा कि हिंसा समस्या का समाधान नहीं है। निर्दोषों को मौत के घाट उतारकर समस्याएं नहीं सुलझ्झाई जा सकतीं। संविधान की मर्यादा में हथियारों को छोड़कर बातचीत का रास्ता ही समाधान का मार्ग है।

मोदी का यह बयान उस समय आया है कि जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्य छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह नक्सलियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की वकालत कर रहे हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+