बांग्लादेश में उल्फा प्रमुख की गिरफ्तारी की सूचना नहीं : पिल्लै
गुवाहाटी, 20 मई (आईएएनएस)। भारतीय अधिकारियों ने गुरुवार को देश के सर्वाधिक वांछित भगोड़ों में से एक और यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के सरगना परेश बरुआ की बांग्लादेश में गिरफ्तारी संबंधी मीडिया की खबरों का खंडन किया है।
इस तरह के एक एसएमएस पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय गृह सचिव जी.के.पिल्लै ने आईएएनएस से कहा, "हमारे पास ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है।"
असम के स्थानीय टेलीविजन समाचार चैनलों और कुछ अखबारों ने गुरुवार को यह खबर दी कि करीब एक पखवाड़ा पहले उल्फा अध्यक्ष को चीन से लौटने के बाद बांग्लादेश में गिरफ्तार कर लिया गया।
असम पुलिस के एक शीर्ष खुफिया अधिकारी ने कहा, "परेश बरुआ के इस तरह गिरफ्तार होने की संभावना अत्यधिक अल्प है।"
पहले बांग्लादेश से गतिविधियों का संचालन करने वाले बरुआ ने संभवत: जनवरी में वहां से हटकर म्यांमार-चीन सीमा पर शरण ले रखी है। यह स्थान चीन के युनान प्रांत के करीब है।
बांग्लादेश में शेख हसीना की नई अवामी लीग सरकार द्वारा भारत विरोधी आतंकवादी संगठनों के खिलाफ अभियान शुरू करने के बाद उल्फा नेता वहां से फरार हुआ।
पिछले पांच महीने के दौरान बांग्लादेश ने असम के पांच शीर्ष आतंकवादियों उल्फा अध्यक्ष अरबिंद राजखोवा, डिप्टी कमांडर इन चीफ राजू बरुआ, विदेशी सचिव साशा चौधरी, वित्त सचिव छित्रबन हजारिका और नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) का अध्यक्ष राजन दैमारी को भारत को सौंपा है।
दैमारी को छोड़कर सभी आतंकवादी इस समय जेलों में बंद हैं। दैमारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की हिरासत में है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications