राजा के खिलाफ अदालत पहुंचे सुब्रमण्यम स्वामी
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मदन बी. लोकुर और न्यायाधीश मुक्ता गुप्ता के समक्ष बहस करते हुए स्वामी ने कहा, "प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को राजा को दंडित करने का निर्देश दिया जाना चाहिए क्योंकि उनपर (राजा) आरोप है कि वह 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के मुख्य कर्ताधर्ता हैं।"
स्वामी ने कहा, "18 महीने का समय बहुत लंबा होता है और प्रधानमंत्री को मेरे उस आवेदन पर निर्णय लेना चाहिए जिसमें राजा को दंडित करने की मांग की गई है। यदि उन्हें (प्रधानमंत्री) लगता है कि मेरे द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेज बेकार हैं तो उन्हें खारिज कर देना चाहिए लेकिन वह मेरी याचिका को नजरंदाज नहीं कर सकते।"
प्रधानमंत्री कार्यालय के एक पत्र का जिक्र करते हुए स्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस आधार पर उनकी शिकायत पर निर्णय लेने से इंकार कर दिया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में अनियमितता के आरोप में कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है और उसकी जांच अभी जारी है।
इस मामले पर बुधवार को भी बहस होगी।
स्पेक्ट्रम घोटाले को लेकर संसद में उस समय हंगामा मचा था जब एक समाचार पत्र ने एक खबर प्रकाशित की थी जिसमें एक रसूख वाले व्यक्ति और एक जनसंचार कंपनी के मालिक व मंत्री राजा के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत का जिक्र था जिसके आधार पर 2जी स्पेक्ट्रम के आवंटन में राजा पर कथित घोटाले का आरोप लगाया गया था।
स्वामी ने अदालत में इस बीच एक नई याचिका भी दायर की है जिसमें दूरसंचार विभाग द्वारा टेलीफोन कंपनियों को जारी किए गए 2जी स्पेक्ट्रम के आवंटन को रद्द करने की मांग की गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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