प्रदर्शनकारियों को 24 घंटों की मोहलत

थाइलैंड में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों से कहा गया है कि वो सोमवार दोपहर तक बच्चों, बूढ़ों और महिलाओं से कैंप खाली करने को कह दें.
प्रधानमंत्री अभिसीत विजयजीवा का इस्तीफ़ा मांग रहे ये प्रदर्शनकारी मार्च से ही राजधानी बैंकॉक में डेरा डाले हुए हैं.
सरकार ने रेड क्रॉस से भी कहा है कि वो लोगों को कैंप खाली करने के लिए प्रेरित करें.
सैनिकों के साथ झड़प में अब तक कम से कम 25 लोग मारे जा चुके हैं और प्रदर्शनकारियों के एक नेता का कहना है कि देश “गृह-युद्ध” के करीब है.
रेड शर्ट कहलाने वाले इन प्रदर्शनकारियों के कैंप के बाहर रेत की बोरियां लगाकर सैनिकों ने पोजीशन ले ली है और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वो गोलियां भी चला रहे हैं.
बैंकॉक से बीबीसी संवाददाता क्रिस हॉग का कहना है कि जो भी इन सैनिकों के आसपास आता है उनपर निशाना साधा जा रहा है.
सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दे दी है कि प्रदर्शनकारी चौबीस घंटों के अंदर कैंप खाली कर दें.
प्रधानमंत्री ने स्कूलों के नए सत्र को एक हफ़्ते के लिए टाल दिया है.
थाइलैंड में टेलिविज़न चैनलों पर औरतों और बच्चों को प्रदर्शन स्थल छोड़ते हुए दिखाया गया है.
प्रधानमंत्री अभिसीत विजयजीवा ने शनिवार को सरकारी टेलीविज़न पर अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि सरकार पीछे नहीं हटेगी और प्रदर्शनकारियों को भगा कर ही दम लेगी.
उन्होंने कहा कि बल प्रयोग के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा है.
उन्होंने सैन्य कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा, "सरकार को आगे बढ़ कर ये कार्रवाई करनी ही पड़ेगी. हम पीछे नहीं हट सकते क्यों कि हम देश हित में ये क़दम उठा रहे हैं."
उनके अनुसार देश क़ानून का शासन बनाए रखने और स्थिति को सामान्य बनाने के उद्देश्य से ही सेना की कार्रवाई की जा रही है.
सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के साथ झड़पों में सेना ने शनिवार को भी फायरिंग की थी. प्रदर्शनकारियों ने भी ग्रेनेड हमले किए हैं.
गुरुवार को लाल कमीज़धारी प्रदर्शनकारियों के एक शीर्ष नेता को गोली लगने के बाद हिंसा का ताज़ा दौर शुरू हुआ है.
सेना ने कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार भी किया है.
पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन चिनावाट समर्थक प्रदर्शनकारी नया चुनाव चाहते हैं.












Click it and Unblock the Notifications