नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़, 2 की मौत (राउंडअप)
अधिकांश यात्रियों व प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह हादसा बिहार जाने वाली दो रेलगाड़ियों की प्लेटफार्म संख्या अचानक बदले जाने के कारण हुआ। जबकि रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि प्लेटफार्म संख्या 12 और 13 से लगे ओवरब्रीज पर कुछ लोगों के फिसल कर गिर जाने के कारण यह हादसा हुआ।
बहरहाल, इस हादसे में एक 35 वर्षीया महिला सोनी और एक 14 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। दोनों को लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी अमित बनर्जी ने आईएएनएस से कहा, "नौ लोगों को यहां इलाज के लिए लाया गया था। इनमें से दो को मृत लाया गया था। सात का इलाज जारी है। घायलों की हालत स्थिर है।"
इस दुर्घटना में कई लोग हालांकि घायल हुए लेकिन इनमें से 10 को ही विभिन्न अस्पतालों में इलाज के लिए ले जाया गया। कई घायलों ने अपना इलाज अपनी तरफ से ही कराना बेहतर समझा।
रेल मंत्री ममता बनर्जी ने मृतकों के परिजनों व घायलों के लिए मुआवजा राशि की घोषणा की है।
रेलवे बोर्ड के सदस्य (ट्राफिक) विवेक सहाय ने कहा कि विक्रमशिला एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय 2.50 बजे से पांच मिनट की विलंब से प्लेटफार्म संख्या 12 से रवाना हुई। सामान्यत: यह प्लेटफार्म संख्या 13 से रवाना होती है। इसके तत्काल बाद भीड़ सप्तक्रांति एक्सप्रेस पकड़ने के लिए प्लेटफार्म संख्या 13 की ओर भागने लगी। यह ट्रेन सामान्यत: 12 नम्बर प्लेटफार्म से छूटती है।
अंतिम समय में प्लेटफार्म की संख्या में हुए परिवर्तन को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। सहाय ने कहा कि मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है।
भगदड़ के बाद प्लेटफार्म पर चारों तरफ जूते, पानी की बोतलें और सामान इधर-उधर बिखरे देखे गए और लोग हताशा के साथ अपने पारिवारिक सदस्यों को तलाशते रहे।
पूर्वी दिल्ली में किसी निर्माण स्थल पर काम करने वाले श्रमिक अमित झा ने कहा, "मैं अपनी मां और भाई की तलाश कर रहा हूं। हमें विक्रमशिला एक्सप्रेस पकड़ना था। मुझे नहीं पता कि वे रेलगाड़ी पर चढ़ पाए या घायलों में शामिल हैं।"
रामजी सहाय के पास पटना के लिए आरक्षित टिकट था। उन्होंने कहा, "जब मैं प्लेटफार्म पर पहुंचा तो मेरी रेलगाड़ी छूटने वाली थी, लिहाजा मैंने दौड़ना शुरू कर दिया। वहां बहुत भीड़ थी और मैं नियंत्रण खो बैठा और जमीन पर गिर पड़ा। लोग इधर-उधर भाग रहे थे और महिलाएं व बच्चे मदद के लिए चिल्ला रहे थे।"
भगदड़ में बच गए लोगों की शिकायत थी कि लंबे समय तक प्रशासन की ओर से मदद की कोई व्यवस्था नहीं थी।
उधर कोलकाता में रेल मंत्री ममता बनर्जी ने पत्रकारों से कहा, "घटना में दो लोग मारे गए हैं और 15 लोग जख्मी हुए हैं, यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, मैं अचंभित हूं, हालांकि अब हालात नियंत्रण में है।"
भगदड़ में मारे गए दो लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा रेलमंत्री ने की।
रेलमंत्री ने मृतकों के प्रति गहरा दुख और उनके परिजनों के लिए अपनी संवेदना व्यक्त की है।
घटना में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को 50,000 रुपये और मामूली घायलों को 15,000 रुपये की सहायता की घोषणा की गई है।
बनर्जी ने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए उच्च स्तरीय जांच समिति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा, "हम जानना चाहते हैं कि कौन इस घटना के लिए जिम्मेदार है। यह बहुत चिंताजनक है। हम जानना चाहते हैं कि घटना का कारण तोड़-फोड़, अफवाह या उपेक्षा तो नहीं थी।"
इधर, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने भी भगदड़ में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया, "मुख्यमंत्री लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल के चिकित्सकों से लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने घायलों को हरसंभव चिकित्सा उपचार मुहैया कराने के संबंध में चिकित्सकों को निर्देश दिया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications