अधिकांश पैकेटबंद दूध हानिकारक : एनजीओ
उपभोक्ता संरक्षण बल नामक संस्था के अनुसार पैकेटबंद दूध के सात शीर्ष ब्रांडों को गुड़गांव की प्रयोगशाला में दो प्रकार की जांच के लिए भेजा गया था।
संस्था के अध्यक्ष राजीव टंडन ने संवाददाताओं से कहा कि परीक्षण से पता चला कि प्रति मिलीलीटर दूध में कोलोनी फार्मिग यूनिट (सीएफयू/एमएल) की संख्या 1,000,000 से 66,000,000 है। औद्योगिक नियमों के अनुसार दूध में सीएफयू/एमएल की संख्या 30,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए और यदि यह संख्या 50,000 से अधिक है तो दूध मानव उपयोग के लायक नहीं है। दूध में कोलीफॉर्म यूनिटों की संख्या भी मानक से काफी अधिक पाई गई।
संस्था के सदस्य अब पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से मिलकर उनको इस बारे में जानकारी देने की योजना बना रहे हैं।
टंडन ने केंद्र और राज्य सरकार से हजारों लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सरकारों के प्रभावी कदम नहीं उठाने पर एक माह बाद वह अपने अभियान को और तेज करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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