सज्जन पर आरोप तय करने के बारे में फैसला 15 मई को
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुनीता गुप्ता ने आरोपों पर अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद आदेश 15 मई तक के लिए सुरक्षित रखा है।
न्यायालय में तर्क प्रस्तुत करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के वकील आर. एस. चीमा ने आरोप लगाया कि सज्जन कुमार ने दिल्ली छावनी के करीब भीड़ को पांच लोगों की हत्या करने के लिए उकसाया।
चीमा ने कुमार पर दंगा भड़काने का आरोप तय करने के लिए अपने तर्क दिए।
कुमार के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता। उन्होंने कहा कि जिस मामले के तहत सीबीआई कार्रवाई कर रही है उसे पुलिस पहले ही बंद कर चुकी है, पुलिस इस मामले में प्राथमिक सबूत भी नहीं जुटा पाई थी।
तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में हुए दंगों के दौरान दिल्ली छावनी के करीब पांच लोगों की हत्या के मामले में सज्जन कुमार, खुशहाल सिंह, गिरधारी लाल, बलवान खोखर, महेंद्र यादव, महा सिंह, कैप्टन भागमल, संतोष रानी और कृष्णा खोखर आरोपी हैं।
सीबीआई ने सज्जन कुमार और अन्य लोगों के खिलाफ कथित रूप से दंगों के दौरान भीड़ को भड़काने के आरोप में दो मामलों में आरोपपत्र दायर किया है। इन दंगों में 3,000 से ज्यादा सिखों की हत्या कर दी गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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