बंदोपाध्याय ने आचार्य पर की असंसदीय टिप्पणी
शून्यकाल के दौरान हड़ताल के मुद्दे पर सदन में चल रही चर्चा में भाग लेते हुए बंदोपाध्याय ने आचार्य के खिलाफ ऐसी अशोभनीय और असंसदीय टिप्पणी की कि सदन में मौजूद सदस्य कुछ क्षण के लिए हक्के -बक्के रह गए।
उनकी इस टिप्पणी का कड़ा विरोध करते हुए माकपा के अन्य सदस्य बंदोपाध्याय की ओर लपके लेकिन अन्य सदस्यों ने उन्हें रोक लिया। कांग्रेस सदस्यों व मंत्रियों को बीच-बचाव में आगे आना पड़ा।
हंगामा बढ़ते देख लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दरअसल, मोटरमैनों की हड़ताल पर चल रही चर्चा के दौरान दल गत भावना से ऊपर उठकर अधिकांश दलों ने इसके लिए रेल मंत्री ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया। इस मौके पर बनर्जी सदन में मौजूद नहीं थी।
बनर्जी की सदन से अनुपस्थिति पर बंदोपाध्याय ने कहा कि उनकी नेता जनता के प्रति समर्पित हैं। वह इसलिए सदन में नहीं आ सकी क्योंकि वह पश्चिम बंगाल के निकाय चुनाव में उम्मीदवारों के नामांकन में व्यस्त हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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