मोटरमैनों की हड़ताल से मुंबई पंगु (लीड-1)
मुंबई में मंगलवार को केवल कुछ ही लोकल ट्रेनें चलीं और उनमें लोग ठसाठस भरे थे। मुंबई में करीब 70 लाख लोग रोजाना स्थानीय रेलगाड़ियों से सफर करते हैं और उनके न चलने से मुंबई का जनजीवन ठप हो गया।
रेलवे के 600 से अधिक मोटरमैनों की जारी हड़ताल की वजह से मंगलवार सुबह पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे को यात्रियों के लिए सलाह जारी करनी पड़ी। रेलवे ने एसएमएस जारी कर कहा कि बेहद जरूरी होने पर ही यात्री रेलगाड़ी का प्रयोग करें।
मोटरमैन सोमवार सुबह छह बजे से भूख हड़ताल पर हैं। वे वेतन में वृद्धि की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से मिलेंगे।
मोटरमैनों की हड़ताल पर लोकसभा और राज्यसभा में हंगामा हुआ और राज्य सरकार ने आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू कर दिया।
मंगलवार सुबह रेलवे ने 2000 लोकल ट्रेनों में से लगभग 80 फीसदी को रद्द कर दिया। रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर रही है।
मुंबई की बस सेवा बीईएसटी और एमएसआरटीसी लोगों की सहूलियत के लिए अधिक बसें चला रही है।
यातायात में हो रही परेशानी की वजह से मुंबई विश्वविद्यालय ने कहा है कि देर से पहुंचने वाले छात्रों को परीक्षा में अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
रेलवे हड़ताल से निपटने के लिए और भी वैकल्पिक उपाय कर रही है। इस हड़ताल को वर्ष 1974 के बाद से सबसे बड़ी हड़ताल बताया जा रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications