नेपाल में माओवादियों के बंद के दौरान छिटपुट हिंसा (लीड-1)
राजधानी में आमतौर पर शांति रही लेकिन पूरे देश से प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पों की खबरें हैं। प्रदर्शनकारियों ने कम से कम एक सरकारी अधिकारी पर हमला किया और हाई स्कूल की एक बड़ी परीक्षा को रोक दिया।
दक्षिणी नेपाल के चितवन जिले में एक पुल पर एक ग्रेनेड पाए जाने के बाद वहां भय और घबराहट का माहौल पैदा हो गया। सुरक्षा अधिकारी तत्काल यह बताने में नाकाम रहे कि इस बम को किसने वहां रखा था।
माओवादियों से जुड़े छात्र संगठनों ने कई केंद्रों पर 12वीं कक्षा की परीक्षाएं बंद करवा दीं। झड़पों के कारण राजधानी सहित पूरे देश में परीक्षाएं बाधित हुईं।
नेपाल के बड़े व्यापारिक स्थान बीरगंज में एक प्रेशर कुकर बम पाए जाने से भी हड़कंप मच गया। बुटवल में हड़तालियों ने एक सरकारी अधिकारी पर हमला किया।
हड़ताल की वजह से पूरे देश में जनजीवन प्रभावित हुआ है। शनिवार को मई दिवस के अवसर पर राजधानी काठमांडू में विपक्षी माओवादी पार्टी के हजारों समर्थक सड़कों पर उतर आए थे।
प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल ने शनिवार को स्थानीय समयानुसार शाम छह बजे राष्ट्र को संबोधित किया और माओवादियों से हड़ताल स्थगित करने और वार्ता के लिए आगे आने का आग्रह किया।
अपने इस्तीफे की मांग को खारिज करते हुए नेपाल ने कहा कि उनकी सरकार के पास संसद में बहुमत है। उन्होंने माओवादियों पर खुद को सत्ता से बेदखल करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
उधर, माओवादी सांसद जनार्दन शर्मा ने कहा, "यह केवल माओवादियों का प्रदर्शन नहीं है बल्कि जनता का आंदोलन है। हम शांति चाहते हैं, नया संविधान और सत्ता में बदलाव चाहते हैं।"
माओवादी देश में नई सरकार की गठन की मांग कर रहे हैं। माओवादी पार्टी के प्रमुख पुष्प कमल दहाल प्रचंड ने कहा कि संसद में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते उन्हें सरकार बनाने की अनुमति मिलनी चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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