तूफान पीड़ितों को राहत सामग्री का इंतजार
सहायता एजेंसी 'एक्शन ऐड इंडिया' की सुसान थॉमस ने एक बयान जारी कर कहा, "सड़कों की सफाई और मलबा हटाए जाने के बाद मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है। पेड़ों, बिजली के खंभों और मोबाइल टावरों के गिर जाने से सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। पश्चिम बंगाल और बिहार में यातायात और दूरसंचार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।"
सुसान के मुताबिक तूफान में जीवित बचे लोग अभी भी बुनियादी जरुरतों और राहत शिविरों का इंतजार कर रहे हैं।
उत्तरी दिनाजपुर जिले में एक भूकंप पीड़ित महिला कल्पना ने कहा, "मेरा घर गिर गया है। मैं अपने आप को बचाने में सफल हो गई। मैं खुले आसमान के नीचे रह रही हूं और हमारे पास कुछ शेष नहीं बचा है।"
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक तूफान में 91,057 घर पूरी तरह से नष्ट हो गए जबकि 76,080 घरों को आंशिक रूप से क्षति पहुंची है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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