पोप के उपदेशक ने माफ़ी माँगी

रोमन कैथोलिक ईसाई धर्मगुरू पोप बेनेडिक्ट के निजी उपदेशक रैनिएरो कैन्टलामेसान ने अपने उन बयानों के लिए माफ़ी माँगी है जिसमें उन्होंने पादरियों द्वारा बच्चों के यौन शोषण के मामले की तुलना यहूदियों की पीड़ा के साथ की थी.
गुड फ़्राइडे के दिन दिए गए फ़ादर कैन्टलामेसान के इस बयान पर पीड़ित बच्चों का समर्थन करनेवाले यहूदी संगठनों ने आक्रोश जताया था.
इसके बाद फ़ादर कैन्टलामेसान ने कहा है कि यदि उनकी बातों से यहूदियों और बचपन में यौन शोषण झेलनेवाले लोगों की संवेदना आहत हुई है तो उन्हें सचमुच इसका अफ़सोस है और वे इसके लिए माफ़ी माँगते है.
ईसाईयों के पवित्र पर्व ईस्टर के अवसर पर रोम में सेंट पीटर्स स्क्वायर पर हुई प्रार्थना सभा में एक वरिष्ठ पादरी एंजेलो सोडानो ने बच्चों के यौन शोषण के विवाद पर पोप के प्रति समर्थन जताया है.
प्रार्थना सभा में पोप को संबोधित करते हुए फ़ादर एंजेलो सोडानो ने कहा,"ईश्वर में आस्था रखनेवाले लोग आपके साथ हैं और वे अपने आप को ओछी गप्पबाज़ी से प्रभावित नहीं होने देंगे."
सेंट पीटर्स स्क्वायर में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि उनकी इस टिप्पणी वहाँ जमा भारी भीड़ ने जमकर सराहना की.
दबाव और चुप्पी
संवाददाता के अनुसार ईस्टर के अवसर पर इस तरह से पोप को सीधे संबोधित कर भाषण देने की घटना संभवतः पहले कभी नहीं हुई और ये दर्शाता है कि वैटिकन पर पादरियों द्रारा बच्चों के यौन शोषण के मामले को लेकर कितना दबाव है.
मगर पोप ने सेंट पीटर्स स्क्वायर से दिए गए अपने ईस्टर के महत्वपूर्ण संदेश में बच्चों के यौन शोषण के मामले पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं की.
लेकिन उन्होंने कहा कि अभी मानवता एक 'बड़े संकट' से गुज़र रही है और इसका सामना करने के लिए एक 'आध्यात्मिक और नैतिक परिवर्तन' की आवश्यकता है.
पोप ने अपने ईस्टर संदेश में दुनिया भर में अपराध, संघर्ष और प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित हुए लोगों के लिए प्रार्थन की.
उन्होंने साथ ही कहा,"ईस्टर कोई चमत्कार नहीं करता. पुनर्जीवन के बाद चर्च ने हमेशा देखा है कि इतिहास केवल आनंद और आशा से ही नहीं भरा रहता बल्कि वहाँ कष्ट और क्लेष भी रहता रहा है."
रोमन कैथोलिक ईसाई ईस्टर उस दिन की याद में मनाते हैं जब ईसा मसीह सलीब पर चढ़ाए जाने के दो दिन बार पुनर्जीवित हुए थे.












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