इमरजेंसी में बिना पैसे इलाज करेंगे निजी अस्पताल
प्रदेश में अब आपातकालीन उपचार के दौरान मरीज या मरीज के घर वालों को किसी तरह के खर्च का भुगतान की परवाह करने की जरुरत नहीं है। राज्य सरकार ने सभी निजी अस्पतालों के लिए पहले 24 घंटों के दौरान मरीज को नि:शुल्क इलाज देना अनिवार्य कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को राज्य विधानसभा में 'असम जन स्वास्थ्य विधेयक, 2010' के पारित होने के बाद ऐसा हो सका है। देश में इस तरह का यह पहला विधेयक है जो आपातकालीन स्थिति में निजी अस्पतालों में नि:शुल्क चिकित्सा की गारंटी देता है। असम के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया, "इस विधेयक का मूल उद्देश्य गरीबी और अमीरी के फर्क के बिना लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और आपातकालीन स्थितियों में पहले 24 घंटे के दौरान उनके लिए बेहतर इलाज मुहैया करवाना है।"
एम्स के निदेशक आर.सी. डेका ने बताया, "इस विधेयक के पारित होने को मैं असम में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम मानता हूं। आपातकालीन स्थिति में निजी अस्पतालों में पहले 24 घंटे तक नि:शुल्क उपचार मुहैया कराने का फैसला निश्चित रूप से एक साहसिक फैसला है।" इस नए विधेयक के कानून बन जाने के बाद राज्य में शुरू होने वाली नई विकास परियोजनाओं को एक 'हेल्थ इम्पेक्ट असेस्मेंट' परीक्षण से गुजरना होगा।













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