उप्र में 15 अप्रैल से बिजली महंगी
उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के मुख्य प्रबंध निदेशक नवनीत सहगल ने शुक्रवार को लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन में बढ़ी दरों को सही ठहराते हुए कहा कि दाम बढ़ने के बाद भी सभी श्रेणियों में उत्तर प्रदेश में बिजली की दरें दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान सहित दूसरे कई राज्यों से कम हैं।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बढ़ी दरों का एक तिहाई उपभोक्ताओं पर असर नहीं पड़ेगा। सहगल के मुताबिक नई दरों से राज्य सरकार को 2,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी, लेकिन इसके बावजूद अभी भी यूपीपीसीएल करीब 3921 करोड़ रुपये के घाटे में रहेगा।
इससे पहले विद्युत नियामक आयोग ने गुरुवार रात बिजली दरों में औसतन 13 फीसदी की बढ़ोतरी का आदेश यूपीपीसीएल को भेजा था। आयोग के आदेश का अध्ययन करने के बाद यूपीपीसीएल ने आज 15 अप्रैल से नई दरें लागू करने की घोषणा की।
नई दरों के अनुसार घरेलू शहरी बिजली का फिक्स चार्ज 60 रुपये से बढ़कर 65 रूपये हो गया। महीने में 200 यूनिट बिजली खर्च करने पर प्रति यूनिट 3 रुपये के बजाय 3.45 रूपये और 200 यूनिट से ज्यादा खर्च करने पर प्रति यूनिट 3.30 रुपये के बजाय 3.80 रुपये (15.15 पीसदी) देने होंगे।
घरेलू ग्रामीण क्षेत्र में बिना मीटर के कनेक्शन के लिए 110 रुपये के बजाय 125 रुपये (13.64 फीसदी) देने पड़ेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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