कश्मीर मुठभेड़ में 4 आतंकवादी ढेर, जवान शहीद (लीड-2)
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि जिले के बेहमा वन क्षेत्र में आतंकवादियों के छुपे होने का सुराग मिलने के बाद सेना और पुलिस ने इलाके को घेर लिया, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई। यह इलाका राजौरी जिले के थ्रायथा इलाके से जुड़ा है। ये आतंकवादी पिछले 10 दिनों भीतर पाकिस्तान से भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने में सफल रहे हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में चार आतंकवादी मारे गए। उन्होंने कहा कि आतंकवादी सुरक्षा बलों के खिलाफ एके-47 और ग्रेनेड हमले कर रहे हैं। इलाके में मुठभेड़ अभी तक जारी है।
इन चार आतंकवादियों के मारे जाने के साथ ही इलाके में 27 मार्च से अब तक 16 आतंकवादी मारे जा चुके हैं। मुठभेड़ में चार जवान शहीद हुए हैं।
इससे पहले राजौरी जिले के कालाकोट इलाके में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में छह आतंकवादी मारे गए थे। गोलीबारी में तीन जवान भी शहीद हो गए थे।
आतंकवादियों के बारे में कहा जा रहा है कि वे 23 मार्च को पालवालान आए थे, जिसके बाद वे कालाकोट गए।
सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिेनेंट कर्नल बिप्लब नाथ ने बताया कि आतंकवादियों के बारे में सूचना मिलने के बाद सेना ने कार्रवाई शुरू कर दी थी। उन्होंने कहा, "एक महिला ने सेना को कुछ संदिग्ध लोगों के बारे में जानकारी दी थी।"
रियासी जिले में गुरुवार को भी मुठभेड़ में छह आतंकवादी मारे गए थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शफकत वताली ने कहा कि मुठभेड़ में मारे गए सभी आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे।
जम्मू एवं कश्मीर में पिछले साल घुसपैठ की 485 घटनाएं हुई थीं जिसमें सुरक्षा बलों ने 101 आतंकवादियों को ढेर कर दिया था। इस साल अब तक घुसपैठ की 60 वारदातें हो चुकी हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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