तेंदुए को मारने पर 2 ग्रामीण गिरफ्तार (लीड-1)
अधिकारियों ने बताया कि घटना चक गांव की है, जहां स्थानीय लोगों के एक समूह ने पांच वर्षीय तेंदुए को मार डाला। गंभीर रूप से जख्मी होने की वजह से तेंदुए की मौत हो गई।
जिले के प्रभागीय वन अधिकारी पी. पी. सिंह ने पत्रकारों से बताया, "अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि ग्रामीणों ने तेंदुए को आत्मरक्षा में मारा है या दूसरे मकसद से।"
सिंह ने बताया कि मारे गये तेंदुए की उम्र करीब पांच साल है। वह कहां से आया था, इस बारे में पता नहीं चल पाया है। आशंका है कि तेंदुआ बिहार के वन्यजीव प्रभाग से भटककर आया था।
अधिकारी ने बताया, "तेंदुए को जहां मारा गया है, वहां से बिहार का जंगली इलाका केवल 10 से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।"
उन्होंने बताया, "हमने इस मामले में पुलिस टीम के साथ जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। तेंदुए को मारने में शामिल सभी लोगों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (डब्ल्यूपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया है।"
गौरतलब है कि भारतीय वन्यजीव अधिनियम के तहत तेंदुए को मारना एक जघन्य अपराध माना जाता है। दोषी पाए जाने पर तीन से सात साल की सश्रम कारावास की सजा दी जाती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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