ऑटिज्म के प्रति जागरूकता फैलाएं : विशेषज्ञ
ऑटिज्म तंत्रिकाओं के विकास से संबंधित एक विकार है। इससे ग्रस्त लोग सामाजिक संपर्क और संचार में असुविधा महसूस करते हैं।
मैक्स हेल्थकेयर अस्पताल के मनोचिकित्सक समीर पारिख ने आईएएनएस से कहा, "मानसिक बीमारियों की हमेशा अनदेखी की जाती है और ऑटिज्म उनसे अलग नहीं है। लोगों में इस बीमारी के प्रति पर्याप्त जागरूकता नहीं है जबकि इससे निपटने के लिए यह बहुत जरूरी है।"
'एक्शन फॉर ऑस्टिज्म' एनजीओ की संयोजक इंद्राणी बसु कहती हैं, "दुनिया में प्रति 150 लोगों में से एक व्यक्ति 'ऑस्टिक स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर' (एएसडी) से ग्रस्त होता है। यदि हम इस संदर्भ में हमारी आबादी की बात करें तो यहां ऑटिज्म से पीड़ित लोगों की संख्या बहुत है।"
विशेषज्ञों का कहना है कि बीमारी का जल्द पता लग जाने से इसके इलाज की बेहतर संभावनाएं होती हैं।
फोर्टिस अस्पताल की मनोचिकित्सक डायना चेरिएन कहती हैं कि 'विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस' जैसे आयोजनों से इस बीमारी का जल्द पता लगाना संभव है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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