होम्योपैथी विश्वविद्यालय जयपुर विधेयक-2010 ध्वनिमत से पारित
विधेयक पर हुई बहस का जवाब देते हुए उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि भारत का पहला होम्योपैथी विश्वविद्यालय राजस्थान में खुलने जा रहा है, यह राज्य के लिए सौभाग्य की बात है। इसलिए यह ऐतिहासिक विधेयक है।
उन्होंने विधेयक के उद्देश्य और कारणों को स्पष्ट करते हुए बताया कि होम्योपैथी के क्षेत्र में विश्वस्तरीय आधुनिक अनुसंधान और अध्ययन सुविधाओं के सृजन के लिए होम्योपैथी विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इस वर्ष राज्य में होम्योपैथी निदेशालय की स्थापना की घोषणा कर दी गई है। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी क्षेत्र में रोजगार के और अधिक अवसर सृजित करने के लिए आधारभूत ढांचे का विकास किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा 47 होम्योपैथी डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसी प्रकार यूनानी, होम्योपैथी व आयुर्वेदिक पद्घति के लिए 322 नर्सिग कम्पाउण्डर की भर्ती की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक हम किसी पद्घति का उचित आधारभूत ढांचा विकसित नहीं कर पाएंगे तो उस क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित नहीं हो पाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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