प्रमुख वाइन क्लब का सदस्य बनेगा भारत
वेरोना (इटली), 31 मार्च (आईएएनएस)। उभरते वाइन बाजारों में से एक भारत जल्दी ही पेरिस के 'इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ वाइन एंड वाइन' (ओआईवी) में शामिल होने वाला पहला एशियाई देश बन जाएगा।
ओआईवी के महानिदेशक फेडीरिको कास्टेलुसी के मुताबिक संगठन अगले कुछ महीनों में ही भारत का एक पूर्णकालिक सदस्य के रूप में स्वागत करेगा।
कास्टेलुसी ने कहा, "हमें सदस्यता देने में कोई परेशानी नहीं है.. इस अंतरिम अवधि के दौरान होने वाले कुछ कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आने वाले पेरिस स्थित भारतीय दूतावास के सदस्यों और भारत सरकार के अधिकारियों का मैं खुद निजी तौर पर स्वागत करूंगा।"
कास्टेलुसी सोमवार को इटली के वेरोना में आयोजित 18वें 'विनिटेली कॉनकॉरसो इंटरनेशनेल' में बोल रहे थे। उन्होंने पहले एशियाई देश के रूप में भारत के सदस्य बनने पर प्रसन्नता जाहिर की।
उन्होंने कहा कि भारत वाइन के 21वीं सदी के प्रमुख बाजारों में से एक है। तीव्र विकास और अपने उपभोक्ताओं के हित सुरक्षित रखने व अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को सहज बनाने के लिए भारत ओआईवी के एक सक्रिय पूर्णकालिक सदस्य के रूप में अंतर्राष्ट्रीय मानक प्रक्रिया में भाग ले सकता है।
उन्होंने बताया कि 'दिल्ली वाइन क्लब एंड इंडियन वाइन एकेडमी' के अध्यक्ष सुभाष अरोड़ा इस नई पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
चीन और जापान भी ओआईवी की सदस्यता ग्रहण करना चाहते हैं।
ओआईवी किसी एक सदस्य देश में वार्षिक महासभा का आयोजन करता है। अगली महासभा तुर्की में 2011 में होगी, जिसमें भारत को एक सदस्य के नाते आमंत्रित किया जाएगा।
वाइन उत्पादन करने वाले 43 देश ओआईवी के सदस्य हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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