अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण

संदीप साहू, भुवनेश्वर से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
भारत ने दो दिनों के भीतर परमाणु हमला करने में सक्षम तीसरा मिसाइल परीक्षण किया है. रविवार दोपहर एक बज कर पाँच मिनट पर उड़ीसा के व्हीलर द्वीप से भारतीय सेना ने अग्नि-1 का सफल परीक्षण किया. चांदीपुर अंतरिम परीक्षण रेंज के निदेशक एसपी दास ने बताया कि यह परीक्षण पूरी तरह सफल रहा. बंगाल की खाड़ी में कहीं पर लक्ष्य निर्धारित किया गया था जिसे अग्नि-1 ने सफलतापूर्वक भेद दिया.
अग्नि श्रृंखला की मिसाइलों में सबसे पहले अग्नि-1 का विकास किया गया था. यह 700 किलोमीटर दूरी तक के लक्ष्य को निशाना बना सकती है. अग्नि-1 सेना में शामिल हो चुकी है और ताज़ा परीक्षण की ख़ास बात यह रही कि इसे सेना ने ही संचालित किया. इसे स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है. फिलहाल भारत अग्नि-5 मिसाइल बनाने की तैयारी कर रहा है जिसकी मारक क्षमता कहीं अधिक होगी.
परीक्षण के दौरान रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी डीआरडीओ के कोई वैज्ञानिक नहीं थे. डीआरडीओ अभी संकल्प सप्ताह मना रहा है और इसी के तहत मिसाइल परीक्षण किए जा रहे हैं. इससे पहले शनिवार सुबह 500 किलोग्राम तक के परमाणु हथियार ढोने में सक्षम पृथ्वी और धनुष मिसाइलों का सफल परीक्षण किया गया था. ये दोनों मिसाइलें उड़ीसा के चांदीपुर प्रक्षेपण रेंज से दागी गईं. पृथ्वी-2 सतह से सतह पर मार करने वाला बैलिस्टिक मिसाइल है और यह 295 किलोमीटर की दूरी तक के लक्ष्य को ध्वस्त कर सकती है. जबकि नौसेना के इस्तेमाल के लिए विकसित धनुष मिसाइल 350 किलोमीटर तक की दूरी पर स्थित लक्ष्य को भेद सकती है.












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