आरोपों से बरी होने के बावजूद हिरासत में हैं अफ्रीकी
इन अफ्रीकी नागरिकों ने राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील, भारत के मुख्य न्यायाधीश के. जी. बालाकृष्णन, गृह मंत्रालय और अपने उच्चायोग को लिखे एक पत्र में लामपुर जेल में अपने साथ हो रहे बुरे बर्ताव के बारे में शिकायत की है।
पत्र के मुताबिक पांच महिलाओं सहित कई अफ्रीकियों को मादक पदार्थ रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इन अफ्रीकी नागरिकों को या तो आरोपों से बरी कर दिया गया या फिर उन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली।
पत्र में कहा गया है, "हम यहां पिछले तीन महीने से हिरासत में हैं और अपने घर जाने का इंतजार कर रहे हैं।"
पत्र के मुताबिक, "अधिकारियों का कहना है कि हम अभी घर नहीं जा सकते क्योंकि हमने अभी तक अपनी सजा पूरी नहीं की है। अदालत के स्पष्ट निर्देश के बावजूद हम यहां बंद हैं।"
पत्र में कहा गया है कि वे सभी प्रतिष्ठित परिवार के सदस्य हैं। वह भारत किसी खास वजह से आए थे और कभी किसी अपराध में शामिल नहीं रहे। उनकी पहचान को अफ्रीकी उच्चायोग ने भी प्रमाणित किया था।
अफ्रीकी नागरिकों के अनुसार अधिकारियों ने उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए हैं। उनके घर वालों ने हवाई टिकट के लिए रुपये भी भेजे हैं, लेकिन उन्हें यहां से रिहा नहीं किया जा रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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