प्रख्यात बांग्ला कलाकार ने कहा, पद्म पुरस्कारों में हैं पेंच
बहुप्रशंसित 'राधा' श्रृंखला के निर्माता सुहास कहते हैं, "पद्मश्री और पद्मभूषण पुरस्कारों के लिए नाम खुले तौर पर नहीं चुने जाते हैं। इनके पीछे हमेशा कोई न कोई कहानी होती है। इन पुरस्कारों के लिए आपका सरकार या राजनीतिक दलों से संबंध होना जरूरी है।"
पिछले महीने दिए गए पद्म सम्मानों में विवाद सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल के विश्व भारती के कला भवन के पूर्व प्रमुख ने यह बात कही है।
इस साल प्रख्यात साहित्यकार कृष्णा सोबती और पश्चिम बंगाल के थियेटर कलाकार बादल सरकार को पद्म सम्मान दिए जाने से इंकार कर दिया गया जबकि सरकार के नामांकन पर अमेरिका में होटल व्यवसाय चला रहे संत सिंह चटवाल को पद्म सम्मान मिला। चटवाल के खिलाफ आपराधिक मामले हैं और सम्मान के लिए उनका चयन किए जाने की आलोचना भी हुई थी।
रॉय इन दिनों काठमांडू में हैं। वह सिद्दार्थ आर्ट गैलरी और कोलकाता के आकार प्रकार द्वारा आईटीसी के सहयोग से नेपाल के सूर्या में आयोजित एकल प्रदर्शनी में शिरकत कर रहे हैं।
यह प्रदर्शनी शुक्रवार तक देखी जा सकेगी और इसमें रॉय की लोकप्रिय 'राधा' श्रेणी की पेंटिंग्स का प्रदर्शन होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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