अर्थ आवर: अंधेरे में डूब जाएगी दुनिया

बिजली बचाने के उद्देश्य से चलायी जा रही इस मुहिम को 'अर्थ आवर' का नाम दिया गया है। आप भी इसमें शामिल हो जाईये। आप भी कल रात साढ़े आठ बजे अपने घर में अंधेरा कर दीजिए और दिखा दीजिए कि पर्यावरण की रक्षा के लिए आपने भी योगदान दिया है। आपने भी एक घंटे की बिजली बचाई और कार्बन प्रदूषण को रोका।
हम आपको बता दें कि अर्थ ऑर की शुरुआत वर्ष 2007 में सिडनी से हुई थी, जब 22 लाख लोगों ने इसमें भाग लिया था। उसके बाद धीरे-धीरे इस मुहिम में पूरी दुनिया शामिल हो गई। इस साल लोगों में इसे लेकर खासा उत्साह है। इस साल कई बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां जैसे गूगल, एचएसबीसी, सोनी, शर्प, आशी, कैनन, आईसीआईसीआई, मैकडोनल्ड्स, हिल्टन, कोका कोला, आईकेईए आदि इसमें भाग ले रही हैं। ये सभी कंपनियां शनिवार को रात्रि साढ़े आठ बजे दुनिया भर में मौजूद अपनी सभी इकाईयों की बत्तियां बुझा देंगी।
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इंडोनेशिया की 200 से ज्यादा इमारतों में ब्लैक आउट कर दिया जाएगा। यही नहीं जापान का हिरोशीमा पीस मेमोरियल भी इसमें शामिल है। दुबई में बुर्ज खलीफा टावर की लाइट भी डिम कर दी जाएगी।
भारत की बात करें तो 2009 में पहली बार भारत के दिल्ली और मुंबई ने इसमें शिरकत की थी। लेकिन इस साल इन दो शहरों के साथ-साथ पुणे, अहमदाबाद, बेंगलुरू, चेन्नई और कोलकाता शामिल हैं। इस साल दिल्ली के कुतुब मिनार, लाल किला, हुमायूं गुंबद, मुंबई के सीएसटी, समेत सभी बड़े होटलों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स व सिनेमाघरों में एक घंटे का ब्लैक आउट कर दिया जाएगा।
हालांकि आपको हम यह भी बता दें कि इस दौरान आईसीआईसीआई बैंक के सभी प्रतिष्ठानों के अलावा एटीएम माशीनों पर भी अंधेरा कर दिया जाएगा। एटीएम मशीनें इमर्जेंसी लाइट में काम करती रहेंगी। उधर सीआईआई ने सभी औद्योगिक इकाईयों से अर्थ आवर में सहयोग करने की अपील दी है। सीआईआई के निदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा है कि यह मुहिम लोगों में जागरूरका लाने में सार्थक साबित हो सकती है।












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