तोगड़िया को कंधमाल जाने से रोकने पर उड़ीसा में प्रदर्शन (लीड-1)
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विहिप के कार्यकताओं ने यहां अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का पुतला फूंका।
एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "राज्य में राउरकेला, कटक, बालासोर, बहरामपुर, फुलबनी और बोलंगीर में भी इसी तरह प्रदर्शन हुए।"
भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जुआल ओराम ने कहा, "तोगड़िया को अनुमति न दिया जाना असंवैधानिक, अनुचित और मनमाना फैसला है। इस भेदभावपूर्ण निर्णय के चलते यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो मुख्यमंत्री नवीन पटनायक इसके लिए जिम्मेदार होंगे।"
तोगड़िया को उनके कई समर्थकों के साथ बौध जिले के चक्रीछाक इलाके में शुक्रवार रात गिरफ्तार कर लिया गया था क्योंकि वह कंधमाल जाने का प्रयास कर रहे थे। बाद में उन्हें शनिवार को रिहा कर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि 23 अगस्त 2008 को विहिप के नेता स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या के बाद जिले में सांप्रदायिक दंगा भड़क उठा था। इसमें 38 लोग मारे गए थे जिनमें ज्यादातर ईसाई थे।
प्रशासन को आशंका थी कि तोगड़िया के दौरे से कंधमाल में अशांति पैदा हो सकती है। इसलिए उन पर कंधमाल में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
इस प्रतिबंध का विरोध करते हुए तोगड़िया अपने समर्थकों के साथ सड़क पर बैठ गए थे। उनका कहना था कि जब यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल जिले का दौरा कर सकता है तो वह क्यों नहीं कर सकते?
रिहाई के बाद तोगड़िया गंजम जिले रवाना हो गए जहां उन्हें विहिप के विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करना है। विहिप ने शनिवार को कंधमाल में 12 घंटे के बंद का आह्वान किया था हालांकि पुलिस के मुताबिक बंद का आम जनजीवन पर असर नहीं पड़ा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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