राजस्थान विधानसभा में हंगामा, एक और भाजपाविधायक सदन से निलम्बित
जयपुर, मार्च (आईएएनएस)। राजस्थान विधानसभा में सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक हनुमान बेनीवाल के निलम्बन को वापस लेने के मुददे पर विपक्ष ने गुरुवार को सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी। इस बीच, सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने भाजपा के मुख्य सचेतक राजेन्द्र राठौड़ को भी एक प्रस्ताव पारित कर सदन की कार्यवाही से एक साल के लिए निलम्बित कर दिया।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को भाजपा विधायक हनुमान बेनीवाल और गृहमंत्री शांति धारीवाल के बीच हुई तनातनी के बाद बेनीवाल को सदन से निलंबित कर दिया गया था। बेनीवाल के निलंबन के विरोध में गुरुवार सुबह से ही विपक्ष एकजुट होकर निंदा प्रस्ताव पर चर्चा की मांग कर रहा था।
वहीं, दूसरी ओर सत्ता पक्ष ने विपक्ष के प्रस्ताव के जवाब में राजेन्द्र राठौड़ के निलंबन का प्रस्ताव पेश किया था। सत्ता पक्ष का आरोप था कि बुधवार को राजेन्द्र राठौड़ ने सदन की कार्यवाही में बाधा पहुंचाई थी। विधानसभा अध्यक्ष ने राजेन्द्र राठौड़ के निलंबन के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था। सदन में ध्वनिमत से इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह शेखावत ने राजेन्द्र राठौड़ को सदन से बाहर जाने का आदेश दिया। लेकिन तीन बार बाहर जाने का आदेश दिए जाने के बावजूद जब राजेन्द्र राठौड़ सदन से बाहर नहीं गए तो अध्यक्ष ने मार्शलों की सहायता से उन्हें सदन से बाहर करवा दिया।
राठौड़ के निलंबन के बाद विपक्ष सदन के अंदर ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गया। इस बीच विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इससे पहले भाजपा विधायक हनुमान बेनीवाल के निलंबन के मामले पर गुरुवार को विधानसभा में जर्बदस्त हंगामा हुआ जिससे सदन का कामकाज ठप्प रहा। गुरुवार सुबह बजे कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद ही सदन को एक घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया। सदन में संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल का प्रतिपक्ष के सदस्यों ने विरोध किया और वैल में आकर जमकर नारेबाजी की।
प्रश्नकाल शुरू होते ही अध्यक्ष ने प्रश्न पूछने के लिए रघु शर्मा का नाम पुकारा। उनके सवाल पर मंत्री भरत सिंह ने जवाब देना भी शुरू कर दिया था लेकिन इसी बीच प्रतिपक्ष के राजेंद्र राठौड़ ने सदन में निंदा प्रस्ताव रखकर जोर-जोर से पढ़ना शुरू कर दिया। सदन में करीब चार मिनट तक मंत्री का जवाब और राठौड़ का निंदा प्रस्ताव एक साथ चलता रहा।
अध्यक्ष ने कहा कि उनके कार्यालय को 17 बिंदुओं वाला निंदा प्रस्ताव अभी-अभी मिला है। इसको पढ़ने के बाद ही इसकी ग्राह्यता पर विचार किया जाएगा। इस पर प्रतिपक्ष के सदस्य नारेबाजी करते हुए वैल में आ गए। भारी हंगामे के बीच अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित कर दी। कार्यवाही दोबारा लगभग बजे शुरू होने के बाद भी हंगामा नहीं थमा और सदन की कार्यवाही फिर स्थगित कर दी गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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