प्राचीन स्मारकों की देखभाल के लिए विधेयक पारित
इस विधेयक को लोकसभा से सोमवार को ही मंजूरी मिल गई थी। मंगलवार को राज्यसभा ने भी इसे पारित कर दिया।
इस विधेयक का मकसद प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्व स्थल तथा अवशेष कानून-1958 को और मजबूत बनाना तथा कानून के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त दंड लागू करना है।
प्राचीन स्मारक व पुरातत्व स्थल एवं अवशेष संशोधन विधेयक -2010 को कानून एवं न्याय मंत्री एम.वीरप्पा मोइली ने संसद में पेश किया। इस विधेयक में कहा गया है कि किसी संरक्षित स्मारक या स्थल के चारों ओर कम से कम 100 मीटर के दायरे को निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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