एचआईवी पीड़ितों ने तोड़ी बाधाएं
इंडियन नेटवर्क ऑफ पॉजिटिव (आईएनपी) की प्रमुख जे. गोस्वामी ने आईएएनएस को बताया, "भारत में पहली बार आप एचआईवी पीड़ित लोगों की तस्वीरें स्पष्ट रूप से देख पाएंगे।"
गोस्वामी ने कहा, "एचआईवी पीड़ित लोगों की तस्वीरें बिना धुंधला किए छापने की अनुमति नहीं है, लेकिन हम इससे ऊपर उठकर असली तस्वीर दुनिया के सामने ला रहे हैं। सामाजिक अनुकूलता की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।"
उन्होंने कहा कि एचआईवी पीड़ित लोग तस्वीरों और किताबों के माध्यम से अपनी कहानी दुनिया के सामने लाने के लिए तैयार हैं। इस किताब में असल जिंदगी की दास्तान दर्ज हैं।
'पॉजिटिव जर्नी' नाम की इस किताब में एचआईवी पीड़ित 100 लोगों की आत्मकथात्मक कहानियां और तस्वीरे हैं।
इंडो-एश्यिन न्यूज सर्विस।












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