तुर्की में भूकंप से 51 की मौत

इलेज़िंग के गवर्नर मुअम्मर इरोल का कहना है कि ज़्यादातर मौतें ऑकुलर, युकारी, कनातली और कायाली के आसपास के गांवों में हुई हैं. मलबे में दबे लोगों और घायलों को बचाने के लिए राहत और बचाव टीमों ने काम करना शुरू कर दिया है. इरोल का कहना है कि प्रभावित गांवों में अनेक लोग पहाड़ी इलकों में मिट्टी के घरों में रहते हैं और अधिक नुक़सान उन्हीं स्थानों पर हुआ है.
मुअम्मर इरोल ने अमरीकी टेलीविज़न चैनल सीएनएन से बातचीत में कहा, "मिट्टी के घरों को अधिक नुक़सान हुआ है. लेकिन जो पक्के और सिमेंट के बने घर हैं उन्हें मामूली नुक़सान पहुंचा है." राहत टीम का कहना है कि ऑकुलर गांव से कम से कम 17 शवों को लाया गया और यहाँ 30 घरों को नुक़सान पहुँचा है. ऑकुलर के एक अधिकारी ने एक अन्य टेलीविज़न चैनल को बताया कि गांव वाले सहमे हुए हैं.
अधिकारियों का कहना है कि कम से कम 100 लोगों को अस्पताल लाया गया है जिनमें कुछ ऐसे हैं जो पहले झटके के बाद दहशत की वजह से खिडकियों और घरों की छत से कूद गए और घायल हो गए. दोगन समाचार एजेंसी के एक संवाददाता का कहना है, "लोगों में दहशत और डर का माहौल है. भूकंप के झटके महज़ एक मिनट तक महसूस किए गए. बहुत शक्तिशाली झटके थे और सभी की कोशिश थी कि सड़क पर आ जाया जाए." प्रभावित गांवों के लोगों को सावधान किया गया है कि वो अपने क्षतिग्रस्त घरों में नहीं जाएं क्योंकि अब भी भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं.












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