मप्र में हर वर्ष 30 हजार बच्चों की मौत
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनूप मिश्रा ने कांग्रेस के विधायक महेंद्र सिंह कालूखेड़ा के एक सवाल का जवाब देते हुए स्वीकार किया कि प्रदेश के 60 प्रतिशत बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। इन कुपोषित बच्चों पर मलेरिया, निमोनिया, डायरिया और मीजल्स जैसी बीमारियां जल्दी अपना असर दिखाती हैं।
मिश्रा द्वारा पेश किए गए आंकड़ों में बताया गया है कि वर्ष 2005-06 में 30563, वर्ष 2006-07 में 32188, वर्ष 2007-08 में 30397 और वर्ष 2008-09 में 29274 बच्चों की मौतें हुई है।
मिश्रा ने बच्चों के कुपोषित होने की वजह जल्दी गर्भधारण, नवजात शिशु का कम वजन का होना, संपूर्ण टीकाकरण न होना, छह माह तक शिशु को लगातार स्तनपान न कराना, सही समय पर पोषण आहार न देना, संक्रमण होना और आर्थिक स्थिति कमजोर होना बताया है।
मिश्रा ने कहा कि कुपोषित बच्चों की पहचान विश्व स्वास्थ्य संगठन के नवीन मापदंडों के आधार पर वजन लेने की प्रक्रिया के आधार पर की जाती है। प्रदेश में कुपोषित 12 लाख बच्चों के लिए 200 पोषण पुनर्वास केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। आगामी वर्ष 2010-11 में अतिरिक्त 25 पोषण पुनर्वास केंद्र स्थापित किया जाना प्रस्तावित है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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