सशक्त महिलाओं ने कहा, उपलब्धियों के लिए जरूरी है इच्छाशक्ति और धैर्य
नई दिल्ली, 8 मार्च (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाएं अपने पिछले जीवन पर नजर डालती हैं तो पाती हैं कि वे सफलता के साथ घर संभालती हैं और करियर भी संवारती हैं लेकिन उनके लिए परंपराओं को तोड़ना और नई जमीन तलाशना कभी आसान नहीं रहा।
अपने दृढ़ संकल्प के आधार पर ही वे अपनी नई मंजिलें पाने में कामयाब हो सकी हैं।
सत्तर वर्षीय कलाकार एंजोली इला मेनन ने आईएएनएस से कहा, "महिलाओं के लिए मेरा संदेश है कि यदि उनके पास एक लक्ष्य है तो उन्हें अपने इर्द-गिर्द की फिक्र त्यागनी होगी लेकिन अपने लक्ष्य की पूर्ति के लिए समाज का पूरी तरह से तिरस्कार करना जरूरी नहीं है।"
मेनन के लिए घर और काम दोनों को संभालना बेहद मुश्किल था क्योंकि वह हमेशा अपने पति के साथ दुनियाभर में घूमती रहती थीं। उनके पति नौसेना में थे।
वह कहती हैं, "मैं अपने जीवन के शुरुआती दिनों को याद कर अब भी उनमें मजा लेती हूं। उस समय मेरे हाथ में तूलिका होती थी और पीठ पर मेरा बच्चा बंधा होता था लेकिन बच्चों को संभालने और पेंटिंग के लिए 24 घंटे का समय पर्याप्त होता था।" मेनन को वर्ष 2000 में पद्मश्री सम्मान मिल चुका है।
फैशन डिजाइनर ऋतु कुमार कहती हैं कि घर और करियर दोनों को संभालना बेहद मुश्किल था। उन्होंने आईएएनएस से कहा, "मुझे अपनी जड़ों को तलाशना था और यह मेरे लिए बहुत मुश्किल था क्योंकि मैं पारंपरिक वस्त्रों के क्षेत्र में काम कर रही थी। वर्ष 1967 में मुझे खुद का स्टोर शुरू करना पड़ा। मुझे अकेले संघर्ष करना पड़ा था।"
अवंथा समूह में कारपोरेट कम्युनिकेशंस प्रमुख शिवानी डांग ने कारपोरेट जगत की महिलाओं को अपने क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने की सलाह दी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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