ह्रदय रोगों से बचा सकती हैं दर्द निवारक दवाएं
यह दवा त्वचा पर बढ़ती उम्र का असर और ऊतकों का नुकसान दूर करने में भी उपयोगी हो सकती है।
सिडनी के सेंट विनसेंट्स हॉस्पिटल के हार्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर व अध्ययकर्ता ब्रियान डेवीस कहते हैं, "मूलत: हम एक पुरानी दवा पर कुछ बीमारियों की रोकथाम के विषय में जांच कर रहे थे और परिणाम काफी आशाजनक रहे हैं।"
अध्ययन दल ने पाया कि पैरासिटामोल एक एंजाइम, माइएलोपरऑक्सीडेज को हाइपोक्लोरस अम्ल (एक अतिक्रियाशील रसायन) बनाने से रोकती है। हाइपोक्लोरस अम्ल के गलत जगह पर, गलत समय पर या अत्यधिक मात्रा में बनने से यह ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकता है।
मरीजों में भविष्य में होने वाले ह्रदय रोगों का पता लगाने के लिए माइलोपरऑक्सीडेज और हाइपोक्लोरस अम्ल का इस्तेमाल किया जाता है।
अध्ययनकर्ताओं ने अभी यह खोज कृत्रिम कोशिका द्रव्य पर की है। अब मानव प्लाज्मा (मानव कोशिका द्रव्य) पर यह अध्ययन किया जाएगा। अध्ययकर्ताओं को इसके सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।
डेवीस कहते हैं कि चिकित्सक बीमारी की संभावना वाले मरीजों को पैरासीटामोल देकर उनमें माइएलोपरऑक्सीडेज का उच्च स्तर देखकर बीमारी का पता लगा सकते हैं।
यद्यपि अध्ययनकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि चिकित्सक की सलाह के बिना मरीज इस दवा का सेवन न करें।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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